बहरैनी विदेशमंत्री ने ईरान पर अस्थिरता उत्पन्न करने का आरोप मढ़ा
बहरैनी विदेशमंत्री ने ईरान पर अस्थिरता उत्पन्न करने का आरोप मढ़ा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हालिया कुछ महीनों में ईरान के विरुद्ध अपने शत्रुतापूर्ण रवइये को स्पष्ट कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति राजनीतिक लक्ष्यों को साधने के लिए ईरान के खिलाफ जो कार्यवाहियां कर रहे हैं और उस पर जो दबाव डाल रहे हैं उन सबको इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।
क्षेत्र की कुछ रुढ़िवादी अरब सरकारें यह सोच रही हैं कि ईरान के खिलाफ अमेरिका जो दावे करता रहता है उसकी हां में हां मिलाकर कुछ स्थान व लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
अमेरिका और सऊदी अरब की प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए बहरैन के विदेशमंत्री ने ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता उत्पन्न करने का जो निराधार आरोप लगाया है उसे इसी दिशा में देखा जा सकता है।
खालिद बिन अहमद आले ख़लीफ़ा ने इसी प्रकार दावा किया था कि तेहरान ने ऐसी स्थिति में क्षेत्र के तेल के निर्यात को बंद करने की धमकी दी थी जब उसे आर्थिक समस्याओं का सामना है।
रोचक बात यह है कि बहरैन ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता उत्पन्न करने का आरोप ऐसी स्थिति में लगा रहा है जब अमेरिका का एक बेड़ा बहरैन में लंगर डाले हुए है।
दूसरे शब्दों में क्षेत्र में अशांति व स्थिरता उत्पन्न करने का एक बड़ा कारक बहरैन को अपना अड्डा बनाये हुए है परंतु बहरैनी विदेशमंत्री को यह समझना चाहिये कि दूसरों पर निराधार आरोप लगाने से इस देश की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
अनुभव इस बात के सूचक हैं कि दूसरे देशों पर निराधार आरोप लगाने वालों को थोड़ा वास्तविकता से काम लेना और अतीत से पाठ लेना चाहिये और पुरानी गलतियों को न दोहरायें क्योंकि इसका परिणाम उनके पछताने के अलावा कुछ और नहीं होगा।
बहरहाल ईरान क्षेत्र की शांति व सुरक्षा में ही अपना हित देखता है और ईरान ने अब तक क्षेत्र की शांति व सुरक्षा की दिशा में अनेक कार्यवाहियां की हैं और भविष्य में भी करता रहेगा। MM