सीरिया में अमरीकी लक्ष्य
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अमरीका ने सीरिया में अशांति व गृह युद्ध भड़कने के बाद, इस देश की क़ानूनी सरकार को गिराने के लिए क्षेत्र में अपने घटक के साथ आतंकवादी गुटों के समर्थन की नीति अपनायी। बाद में इन्हीं आतंकवादी गुटों में से एक गुट अर्थात दाइश से निपटने के बहाने दाइश के ख़िलाफ़ कथित अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन बनाया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jul १५, २०१८ १२:२२ Asia/Kolkata

अमरीका ने सीरिया में अशांति व गृह युद्ध भड़कने के बाद, इस देश की क़ानूनी सरकार को गिराने के लिए क्षेत्र में अपने घटक के साथ आतंकवादी गुटों के समर्थन की नीति अपनायी। बाद में इन्हीं आतंकवादी गुटों में से एक गुट अर्थात दाइश से निपटने के बहाने दाइश के ख़िलाफ़ कथित अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन बनाया।

इस संबंध में रूसी विदेश मंत्री सिर्गेई लावरोफ़ का कहना है कि बहुत से टीकाकारों का मानना है कि अमरीका पश्चिम एशिया में अशांति को अपने हित देख रहा है ताकि मौक़े से फ़ायदा उठा सके। अगर तथ्यों की समीक्षा हो तो यह बात स्पष्ट हो जाएगी।

इस समय अमरीका सीरियाई कुर्दों का समर्थन करने और दाइश से लड़ने के बहाने उत्तरी सीरिया और इराक़-सीरिया के सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूद है और उसकी यह मौजूदगी ही पूरे सीरिया में इस देश की क़ानूनी सरकार की प्रभुसत्ता क़ायम होने के मार्ग में सबसे बड़ी रुकावट है।

मॉस्को की नज़र में अमरीका ने सीरियाई जनता की मदद के लिए एक सेंट भी ख़र्च नहीं किया है और सीरिया के संबंध में उसके पास कोई स्पष्ट स्ट्रैटिजी भी नहीं है। इसके साथ ही अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ज़ायोनी शासन के हित को सुनिश्चित करने के लिए सीरिया में ईरान की सैन्य सलाहकार के रूप में मौजूदगी के ख़त्म होने के इच्छुक हैं और इस बारे में उन्होंने रूसी अधिकारियों से बात भी की है। बताया जाता है कि 16 जुलाई को हेलसिंकी में ट्रम्प-पूतिन के बीच बातचीत में सीरिया का विषय और ईरान की सैन्य सलाहकार के रूप में मौजूदगी पर चर्चा होने का कार्यक्रम है। हालांकि मॉस्को अब तक कई बार सीरिया में ईरान की मौजूदगी का समर्थन कर चुका है।

अमरीका और इस्राईल ने इस बात की बहुत कोशिश की सीरिया में ईरान की मौजूदगी के बारे में किसी तरह से रूस के दृष्टिकोण में बदलाव लाएं और किसी तरह मॉस्को को अपने साथ मिला लें। लेकिन इसके बावजूद मॉस्को सीरिया में ईरान की सार्थक मौजूदगी का समर्थन करता और इसके विपरीत सीरिया में अमरीका और उसके घटकों की अवैध गतिविधियों की आलोचना करता है।(MAQ/T)