यमनी बच्चों के हत्यारों को ईनाम और आम माफ़ी+ फ़ोटो
सऊदी नरेश शाह सलमान ने यमन में तैनात समस्त सऊदी सैनिकों के लिए आम माफ़ी की घोषणा की है।
सऊदी प्रेस एजेन्सी की ओर से जारी किए जाने वाले आम माफ़ी के बयान में किसी विशेष अपराध का उल्लेख नहीं किया गया है किन्तु कहा गया है कि यह कार्यवाही सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को श्रद्धांजलि पेश करने के लिए की गयी है।
उधर मिडिल ईस्ट मानिटर के अनुसार शाही माफ़ी में वह समस्त सैनिक शामिल होंगे जो यमनी जनता पर हमलों में हिस्सा ले रहे हैं जबकि आम माफ़ी की घोषणा विशेष रूप से सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान की इच्छा पर शाह सलमान ने की है।
उल्लेखनीय है कि मानवाधिकार की अंतर्राष्ट्रीय संस्था एमेनेस्टी इन्टरनेश्नल ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब, इमारात और यमन पर हमले में शामिल सैन्य गठबंधन के दूसरे देशों की सेनाओं पर आरोप लगाया है कि वह दक्षिणी यमन में स्थापित गुप्त जेलों में क़ैद लोगों को भीषण यातनाएं देने में लिप्त हैं और साथ ही यह मांग की है कि इन घटनाओं की युद्ध अपराध के मुक़द्दमे की भांति जांच होनी चाहिए।
एमेनेस्टी इन्टरनेश्नल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि गठबंधन सेनाएं यमन में व्यापक स्तर पर लोगों के ज़बरदस्ती ग़ायब होने में भी लिप्त हैं जिन्हें क़ैद कर लिया जाता है।
इस संबंध में ह्यूमन राइट्स वॉच के एक अधिकारी ने पिछले वर्ष रहस्योद्धाटन किया था कि गठबंधन सेनाओं की ओर से किए गये 61 हवाई हमलों में बाज़ारों, स्कूलों, अस्पतालों और आबादी पर आधारित नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया गया जिसके परिणाम में 900 के लगभग नागरिक मारे गये।
दूसरी ओर पिछले वर्ष ही संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में पेश की गयी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि जांच टीम को सऊदी अरब की ओर से किए गये 10 में से 8 हमलों में हवाई हमलों के पीछे कोई ठोस सैन्य लक्ष्य होने के प्रमाण प्राप्त नहीं हुए।
यमन पर सऊदी अरब और उसके घटकों के पिछले 3 साल के हमलों में जहां अब तक लाखों यमनी हताहत, घायल और बेघर हुए हैं वहीं सऊदी अरब के सैनिक अब इस युद्ध से थक चुके हैं और वह यमन दलदल से फ़रार होने का रास्ता तलाश कर रहे हैं। सऊदी क्राउन प्रिंस ने आम माफ़ी की घोषणा इसीलिए की है ताकि सऊदी सैनिक फ़रार करने के बजाए यमनी नागरिकों के विरुद्ध अत्याचार को जारी रख सकें। (AK)