ग़ज़्ज़ा में 1 और फ़िलिस्तीनी शहीद
https://parstoday.ir/hi/news/west_asia-i66947-ग़ज़्ज़ा_में_1_और_फ़िलिस्तीनी_शहीद
ज़ायोनी सैनिकों की गोली से घायल होने वाला एक और फ़िलिस्तीनी रविवार को घाव सहन न कर पाने की वजह से शहीद हो गया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug ०६, २०१८ ०७:५२ Asia/Kolkata
  • 20 जुलाई 2018 को पूर्वी ग़ज़्ज़ा की सीमा पर प्रदर्शन के दौरान ज़ायोनी सैनिक की गोली से शहीद फ़िलिस्तीनी के शव को ग़ज़्ज़ा शहर के शिफ़ा अस्पताल के मुर्दाघर ले जाते हुए (एएफ़पी के सौजन्य से)
    20 जुलाई 2018 को पूर्वी ग़ज़्ज़ा की सीमा पर प्रदर्शन के दौरान ज़ायोनी सैनिक की गोली से शहीद फ़िलिस्तीनी के शव को ग़ज़्ज़ा शहर के शिफ़ा अस्पताल के मुर्दाघर ले जाते हुए (एएफ़पी के सौजन्य से)

ज़ायोनी सैनिकों की गोली से घायल होने वाला एक और फ़िलिस्तीनी रविवार को घाव सहन न कर पाने की वजह से शहीद हो गया।

इरना के अनुसार, 30 साल के फ़िलिस्तीनी अहमद जेहाद अलआयदी 30 मार्च को पूर्वी ग़ज़्ज़ा में ज़ायोनी सैनिक की गोली से घायल हुए थे।

ग़ज़्ज़ा पट्टी में हालिया हफ़्तों में फ़िलिस्तीनियों की वतन वापसी के अधिकार नामक रैलियों में बड़ी तादाद में फ़िलिस्तीनियों ने भाग लिया।

"वतन वापसी का अधिकार" नामक शांतिपूर्ण रैली 30 मार्च से ग़ज़्ज़ा पट्टी में शुरु हुयी जो अभी तक जारी है। यह रैली "भूमि दिवस" के अवसर पर शुरु हुयी।

30 मार्च 2018 से अब तक 155 फ़िलिस्तीनी ज़ायोनी सैनिकों की गोलियों से शहीद और 17000 से ज़्यादा घायल हुए हैं।

इस्लामी गणतंत्र ईरान सहित बहुत से देश और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने इन अपराधों की कड़े शब्दों में निंदा की है।

ग़ौरतलब है कि भूमि दिवस के अवसर पर फ़िलिस्तीनियों की रैली, 30 मार्च 1967 को ज़ायोनी शासन के फ़िलिस्तीनियों की भूमि को हड़पने के फ़ैसले की याद दिलाती है। फ़िलिस्तीनी हर साल 30 मार्च को रैली निकालते हैं।

ज़ायोनी शासन फ़िलिस्तीनियों की भूमि को हड़प कर वहां अवैध कॉलोनियों के निर्माण के ज़रिए फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों की जनांकिकी संरचना को बदलना और उसे ज़ायोनी रूप देना चाहता है ताकि इस तरह फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों पर अपना वर्चस्व  बनाए रख सके। (MAQ/N)