बहरैन में चुनाव और मतदान का ढोंग
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बहरैन में शाही सरकार ने राजनैतिक दलों पर प्रतिबंध लगाकर और देश में लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने वाले नेताओं को जेलों में बंद करके चुनाव आयोजन का ढोंग किया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Nov २४, २०१८ १५:२९ Asia/Kolkata
  • बहरैन में चुनाव और मतदान का ढोंग

बहरैन में शाही सरकार ने राजनैतिक दलों पर प्रतिबंध लगाकर और देश में लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने वाले नेताओं को जेलों में बंद करके चुनाव आयोजन का ढोंग किया है।

बहरैन में शनिवार की सुबह संसदीय व नगर परिषद के चुनावों के लिए मतदान केन्द्रों को खोल दिया गया जबकि लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने वाले राजनैतिक दलों ने चुनावों का बहिष्कार किया।

कराना नामक इलाक़े के लोगों ने पूरी तरह चुनावों का बहिष्कार किया। बूरी के निवासियों ने भी पहले ही एलान कर दिया कि वह चुनावों में भाग नहीं लेंगे हालांकि शाही सरकार ने चुनाव का बहिष्कार करने वालों की कठोर कार्यवाही की धमकी दी थी।

बहरैन में फ़रवरी 2011 से जनता लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आंदोलन कर रही है जबकि शाही सरकार ने आंदोलन को कुचलने के लिए ताक़त का प्रयोग किया है।