सीरिया से अमरीका के निकलने पर रूस को संदेह
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अमरीका ने 2011 से अपने पश्चिमी और अरब घटकों के साथ मिलकर आतंकवादियों का व्यापक समर्थन करके सीरिया की क़ानूनी सरकार को गिराने का भरसक प्रयास किया। यह प्रयास वर्ष 2014 के मध्य में दाइश विरोधी तथाकथित गठबंधन के अस्तित्व में आने के साथ जारी रहा जिसमें सीरिया के कुछ क्षेत्रों में अमरीकी सैनिक भेजे गये ताकि वह इस देश में वाशिंग्टन के घटकों की सहायता कर सकें।
(last modified 2023-11-29T05:45:15+00:00 )
Dec २५, २०१८ १४:०७ Asia/Kolkata

अमरीका ने 2011 से अपने पश्चिमी और अरब घटकों के साथ मिलकर आतंकवादियों का व्यापक समर्थन करके सीरिया की क़ानूनी सरकार को गिराने का भरसक प्रयास किया। यह प्रयास वर्ष 2014 के मध्य में दाइश विरोधी तथाकथित गठबंधन के अस्तित्व में आने के साथ जारी रहा जिसमें सीरिया के कुछ क्षेत्रों में अमरीकी सैनिक भेजे गये ताकि वह इस देश में वाशिंग्टन के घटकों की सहायता कर सकें।

इन सबके बावजूद सीरिया में अपने दृष्टिगत लक्ष्य साध न पाने में वाशिंग्टन की विफलता, सैनिकों की रक्षा और उनके संचालन के लिए बड़े बड़े ख़र्चे और इन सबसे बढ़कर अमरीका द्वारा अपने क्षेत्रीय वचनों को कम करने और उसको अपने घटकों के हवाले करने जैसे कुछ विषयों के कारण अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने सीरिय से अमरीकी सैनिकों के निकलने का आदेश जारीकर दिया। 

ज्ञात रहे कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने पिछले बुधवार की रात ट्वीट करके सीरिया से अमरीकी सैनिकों के निकलने की सूचना दी थी। 

इससे पहले भी डोनल्ड ट्रम्प ने सीरिया से अपने सैनिकों को निकालने का फ़ैसला किया था किन्तु सऊदी अरब और ज़ायोनी शासन ने अपने सैनिकों को सीरिया में बाक़ी रखने के लिए अमरीकी से अपील की थी।

सीरिया से अमरीकी सैनिकों को निकालने के ट्रम्प के फ़ैसले का अमरीकी अधिकारियों द्वारा व्यापक स्तर पर विरोध किया गया। विशेषकर अमरीका के रक्षामंत्री जेम्स मैटिज़ ने राष्ट्रपति ट्रम्प के इस फ़ैसले का विरोध करते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। यद्यपि उन्होंने अपनी ज़िम्मेदारियों के निर्वहन के अंतर्गत रविवार को आधारिक रूप से सीरिय से अमरीकी सैनिकों के निकलने का आदेश जारी किया। टीकाकारों का मानना है कि अमरीकी राष्ट्रपति के इस फ़ैसले से क्षेत्र में अमरीका के रणनैतिक हितों को भारी नुक़सान पहुंचेगा और अमरीका के घटकों में वाशिंग्टन के प्रति अविश्वसनीय में वृद्धि होगी। 

इन परिवर्तनों को देखते हुए सरूस के उप विदेशमंत्री सर्गेई रियाबकोफ़ ने कहा कि हमको सीरिया से अमरीकी सैनिकों के निकलने के फ़ैसले पर संदेह है। उन्होंने कहा कि अमरीकी सरकार, इस अरब देशों में अपने हितों की रक्षा के लिए अपने सैनिकों की उपस्थिति को आवश्यक समझती है। (AK)