2019, यमन के ड्रोन विमानों का साल
मार्च 2015 से सऊदी सैन्य गठबंधन के हवाई हमलों की मार झेल रहे मध्यपूर्व के सबसे ग़रीब देश यमन ने अपनी रक्षा शक्ति में आश्चर्यचजनक प्रगति करते हुए 2019 की शुरूआत दुश्मन पर धमाकेदार ड्रोन हमलों से की है।
यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों के ड्रोन ने गुरुवार को दक्षिणी शहर अदन के निकट सऊदी समर्थन प्राप्त लड़ाकों की सैन्य परेज पर हमला करके कई सैन्य अधिकारियों को मौत के घाट उतार दिया था।
यमनी सेना के इस ड्रोन हमले में यमन के पूर्व राष्ट्रपति मंसूर हादी के सैन्य प्रमुख मोहम्मद सालेह अल-तम्माह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, गंभीर रूप से घायल तम्माह की रविवार को मौत हो गई।
यमनी सेना और अंसारुल्लाह आंदोलन की इस जवाबी कार्यवाही ने जहां सऊदी गठबंधन की कमर तोड़ दी है वहीं यमन युद्ध का भविष्य भी स्पष्ट कर दिया है।
यमनी सेना और अंसारुल्लाह या अल-हौसी आंदोलन पहले ही सऊदी अरब की राजधानी रियाज़ और कई अन्य महत्वपूर्ण शहरों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बना चुके हैं, अब ड्रोन विमानों के सटीक हमलों ने दुश्मन की नींद उड़ा दी है।
यमनी सेना के प्रवक्ता याहया सरी का कहना है कि युद्ध के बावजूद, देश ने रक्षा उद्योग में एक लम्बाई छलांग लगाई है।
सरी का कहना है कि 2019 यमन के आधुनिक ड्रोन विमानो का साल होगा और हम दुश्मन जल्दी ही दुश्मन को उसकी औक़ात दिखा देंगे। msm