सऊदी अरब पर फिर गरजे यमनी सेना के ड्रोन
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यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों की ड्रोन यूनिट ने मंगलवार की रात सऊदी अरब के दक्षिणी प्रांत असीर के एलब क्षेत्र में सऊदी अरब के सैन्य ठिकाने पर हमला किया।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Jan २३, २०१९ ०९:१० Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब पर फिर गरजे यमनी सेना के ड्रोन

यमनी सेना और स्वयं सेवी बलों की ड्रोन यूनिट ने मंगलवार की रात सऊदी अरब के दक्षिणी प्रांत असीर के एलब क्षेत्र में सऊदी अरब के सैन्य ठिकाने पर हमला किया।

हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में बड़ी संख्या में सऊदी सैनिक मारे गये और घायल हुए हैं। यमन के एक सैन्य सूत्र ने बताया कि यह कार्यवाही छावनी पर गहन अध्ययन के बाद की गयी।

यमनी सेना ने 2018 के साल को यमन के मीज़ाइलों का साल क़रार दिया था जबकि जारी वर्ष 2019 को ड्रोन वर्ष क़रार दिया है।

यमन के रक्षा मंत्री मुहम्मद नासिर अलआतेफी ने अभी हाल ही में कहा था कि यमनी राष्ट्र के संघर्ष और उनके  दवारा सेना और अन्सारुल्लाह के समर्थन की वजह से दुश्मन कभी भी अपने लक्ष्यों की पूर्ति नहीं कर सकता और स्वंय सेवी बल, पूरे यमन को अतिक्रमणकारियों से पवित्र कर देंगे ।

ग़ौरतलब है कि सऊदी सैन्य गठबंधन ने मार्च 2015 में यमन के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ते ही इस देश की हवाई सीमाएं बंद कर दी थीं।

सऊदी अरब के हमलों में 14000 से ज़्यादा यमनी हताहत, दसियों हज़ार घायल और दसियों लाख विस्थापित हुए हैं। सऊदी अरब के हमलों में यमन की मूल रचनाओं का बड़ा भाग तबाह हो चुका है।

स्वीडन वार्ता में दोनों पक्षों के दौरान बंदियों के आदान प्रदान, अल-हुदैदा बंदरगाह और सनआ एयरपोर्ट को खोलने जैसे मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन अतिक्रमणकारी अपने वादों पर अमल नहीं कर रहे हैं।

यमनी बलों की ओर से सऊदी अरब पर ड्रोन और तोपख़ाने के हमले सऊदी गठबंधन की ओर से स्वीडन में हुए युद्धविराम के समझौते के उल्लंघन के जवाब में किए जा रहे हैं।

स्वीडन के शहर स्टाॅकहोम में यमन के अंसारुल्लाह संगठन और सऊदी समर्थित यमन की त्यागपत्र दे चुकी सरकार के प्रतिनिधियों के बीच तटवर्ती शहर अलहुदैदा में संघर्ष पर सहमति हुई थी।

संघर्ष विराम 18 दिसम्बर से लागू हुआ था लेकिन सऊदी गठबंधन उसके बाद भी अलहुदैदा पर निरंतर हमले कर रहा है। यह तटवर्ती नगर यमन तक मानवताप्रेमी सहायताएं पहुंचाने का एकमात्र मार्ग है। (AK)