बहरैन, धर्मगुरु को हो सकती है लंबी सज़ा
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बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन ने इस देश के वरिष्ठ धर्मगुरु को कई दिन के लिए गिरफ़्तार कर लिया है।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Feb ०३, २०१९ २०:५० Asia/Kolkata
  • बहरैन,  धर्मगुरु को हो सकती है लंबी सज़ा

बहरैन के आले ख़लीफ़ा शासन ने इस देश के वरिष्ठ धर्मगुरु को कई दिन के लिए गिरफ़्तार कर लिया है।

सौतुल मनामा की रिपोर्ट के अनुसार बहरैनी अधिकारियों ने घोषणा की है कि सैयद मजीद अलमशअल की गिरफ़्तार की अवधि 15 दिनों की है और संभव है कि इस अवधि में लंबे समय तक की वृद्धि हो सकती है।

ज्ञात रहे कि बहरैन में 14 फ़रवरी की क्रांति की वर्षगांठ के अवसर पर देश के क्रांतिकारियों और धर्मगुरुओं के दमन की प्रक्रिया तेज़ हो गयी है। बहरैन की क्रांति 14 फ़रवरी 2011 से जारी है। 

बहरैन की अदालत ने इस प्रसिद्ध धर्मगुरु को ढाई साल जेल की कठिनाइयां सहन करने के बाद रिहा किया था। शिया धर्मगुरु काउंसिल के प्रमुख सैयद मजीद मशअल को 2016 में दुराज़ क्षेत्र में धरना दिए जाने की वजह से ढाई साल की सज़ा सुनाई थी।

दूसरी ओर बहरैन के अलवफ़ा अलइस्लामी धड़े ने घोषणा की है कि देश की क्रांति की आठवीं वर्षगांठ का इस बार का नारा है "प्रतिष्ठा और आंदोलन"।

बयान में कहा गया है कि यह नारा देश के वरिष्ठ धर्मगुरु शैख़ ईसा क़ासिम ने चुना है। (AK)