सऊदी अरब और क़तर एक बार फिर आमने-सामने
क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्यमंत्री द्वारा दोहा पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्यमंत्री आदिल अलजुबैर की ओर से क़तर पर आतंकवाद का समर्थन किए जाने के लगाए गए आरोपों के बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच शाब्दिक युद्ध आरंभ हो गया है। क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि आदिल अलजुबैर के आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं जो उत्तर देने के भी लाएक़ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आदिल अलजुबैर ने इस तरह के आरोप ऐसे समय में लगाए हैं कि जब फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद की बैठक होने वाली है।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्यमंत्री आदिल अलजुबैर ने एक प्रेस कांफ्रेंस में क़तर पर आरोप लगाते हुए कहा था कि, हम क़तर को कभी भी इस बात की अनुमति नहीं देंगे कि वह चरमपंथ को बढ़ावा दे और आतंकवाद का समर्थन करे। आदिल अलजुबैर का कहना था कि क़तर, फ़ार्स की खाड़ी सहयोग परिषद का सदस्य है लेकिन दोहा लगातार इस परिषद को नुक़सान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। जुबैर ने कहा कि क़तर को समझना होगा कि 20 वर्ष पहले की राजनीति अब नहीं चलेगी।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब की आले सऊद सरकार हमेशा से यही चाहती आई है कि मध्यपूर्व के सभी अरब देश केवल रियाज़ की नीतियों का पालन करें। याद रहे कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात और बहरैन सहित 7 अरब देशों ने क़तर से अपने राजनायिक संबंध ख़त्म करके उसपर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे। इन देशों ने क़तर से कहा था कि दोहा या तो रियाज़ की नीतियों का पालन करे या फिर और अधिक प्रतिबंधों के लिए तैयार रहे। इन सबके बावजूद क़तर ने किसी भी शर्त को मानने से इंकार कर दिया था जिसके बाद क़तर का सऊदी अरब सहित इन सभी सातों देशों से मतभेद और अधिक गहरा गए थे। (RZ)