ओमान के विदेश मंत्री का सीरिया और जॉर्डन का दौरा
ओमान के विदेश मंत्री यूसुफ़ बिन अलवी शनिवार की रात जॉर्डन की राजधानी अम्मान में इस देश के विदेश मंत्री ऐमन अस्सफ़दी और शुक्रवार को दमिश्क़ में सीरियाई राष्ट्रपति बश्शार असद से भेंटवार्ता की।
ओमान के विदेश मंत्री का विदेश दौरा यह दर्शाता है कि उनका देश क्षेत्र के हालात में सक्रिय भूमिका निभाने की कोशिश में है। ओमान के विदेश मंत्री 2003 से पहली बार पिछले महीने बग़दाद के दौरे पर गए।
ओमान की विदेश नीति की मुख्य रणनीति क्षेत्र में हर तरह के तनाव से दूर रहते हुए क्षेत्रीय संकट में मध्यस्थ की भूमिका निभाना है। इस आधार पर क़तर के साथ चार अरब देशों सऊदी अरब, यूएई, बहरैन और मिस्र के तनाव में ओमान नहीं कूदा बल्कि उसने इन देशों के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश की। ओमान सरकार यमन के ख़िलाफ़ सऊदी गठबंधन की जंग का शुरु से विरोध कर रही है। इसी तरह वह इस्लामी गणतंत्र ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव के संबंध में भी उसने वास्तविकता पर आधारित नीति अपनायी तथा तेहरान के ख़िलाफ़ अरब देशों की नीति में उनके साथ नहीं हुआ।
बिन अलवी के सीरिया के दौरे के संबंध में इस बिन्दु का उल्लेख भी ज़रूरी लगता है कि ओमान सरकार ने पिछले कुछ साल के दौरान ज़्यादातर अरब देशों के विपरीत, सीरिया के साथ संबंध ख़त्म नहीं किए बल्कि हालिया वर्षों के दौरान दोनों देशों के बीच कूटनैतिक भेटवार्ताएं हुयीं। यह कहना ग़लत न होगा बिन अलवी का सीरिया का दौरा और बश्शार असद के साथ उनकी मुलाक़ात, ओमान सहित अरब देशों द्वारा सीरिया में मौजूद राजनैतिक स्थिति के स्वीकार किए जाने के साथ अरब संघ में सीरिया के वापस लौटने की पृष्ठिभूमि मुहैया होने की सूचक है। (MAQ/T)