13वीं आस्ताना बैठक, ज़िम्मेदारियां और परिवर्तन
सीरिया के बारे में 13वीं आस्ताना बैठक क़ज़ाक़िस्तान की राजधानी नूर सुल्तान में पिछले दिन शुरु हुई थी और यह बैठक शुक्रवार को समाप्त हो गयी।
आस्ताना बैठक या सीरिया शांति बैठक का पहला चरण जनवरी 2017 मं ईरान, रूस और तुर्की की उपस्थिति में आरंभ हुआ था क्योंकि यह तीनों देश ही सीरिया में संघर्ष विराम के ज़िम्मेदार हैं। 12वीं आस्ताना शांति वार्ता 25 और 26 अप्रैल को आयोजित हुई थी। इस बैठक का महत्वपूर्ण परिणाम, सीरिया में तनाव कम वाले क्षेत्रों के गठन के रूप में सामने आया जिससे सीरियाई सेना और उसके घटकों के आतंकवादियों के विरुद्ध अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
13वीं आस्ताना बैठक, 12वीं आस्ताना बैठक की तुलना में बहुत भिन्न है किन्तु इसकी कार्यशाली में तनिक भी परिवर्तन नहीं हुआ। 13वीं आस्तान बैठक में सीरिया सरकार के विरोधी, सीरिया सरकार के प्रतिनिधि तथा सीरिया में संघर्ष विराम पर नज़र रखने वाले तीन देश, ईरान, रूस और तुर्की के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित हुई।
इसके अतिरिक्त इराक़ और लेबनान जैसे देशों के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया। रोचक बात यह है कि 13वीं आस्ताना बैठक में जार्डन सरकार के प्रतिनिधि को भी भाग लेना था किन्तु अंतिम समय तक वह बैठक में शामिल नहीं हो सके। इसके साथ ही सीरिया के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि को भी शामिल होना था जो बीमारी की वहज से शामिल न हो सके।
कुल मिलाकर 13वीं आस्ताना बैठक ऐसी स्थिति में आयोजित हुई कि अब भी वह अरब और पश्चिमी खिलाड़ी इस बैठक में भाग नहीं ले रहे हैं जो आस्ताना बैठक की सफलता को अपने हित में नहीं देखते। (AK)