अब्दुल मलिक अलहौसी के भाई के हत्यारे गिरफ़्तार
यमन की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने सूचना दी है कि अंसारुल्लाह के प्रमुख के भाई इब्राहिम बदरुद्दीन अलहौसी की हत्या करने वाले गुट के अधिकांश सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
यमन की राष्ट्रीय सरकार के गृह मंत्रालय के एलान के मुताबिक़, सऊदी अरब, अमेरिका और इस्राईल से संबंधित कुछ तत्वों ने शुक्रवार को यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रमुख अब्दुल मलिक बदरुद्दीन अलहौसी के भाई इब्राहीम बदरुद्दीन अलहौसी को शहीद कर दिया था। अलमयादीन टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार इस हमले के बाद यमन की ख़ुफ़िया एजेंसियों ने अंसारुल्लाह आंदलोन के प्रमुख के भाई की हत्या में शामिल गुट का पता लगाकर उसके ज़्यादातर सदस्यों को गिरफ़्तार कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सऊदी अरब के खुफिया मंत्रालय से जुड़े यह तत्व, यमन के पूर्व तानाशाह की सरकार में शामिल एक पूर्व अधिकारी की देखरेख में काम कर रहे थे।
ज्ञात रहे कि इब्राहीम बदरुद्दीन अलहौसी अंसारुल्लाह के मुख्य कमान्डरों में से थे, जिन्होंने अब तक बहुत सी लड़ाइयों सहित सनआ में घुसपैठ के लिए हुई कार्यवाही में बहुत महत्वपूर्ण रोल निभाया था। इब्राहीम अलहौसी 1978 में पैदा हुए और वह 41 साल के थे। वह सअदा शहर के उपनगरीय भाग में पैदा हुए थे। उन्होंने 21 सितंबर 2015 को मंसूर हादी की सरकार के छापामारों के ख़िलाफ़ लड़ाई में अपने अधीन फ़ोर्स की कमान संभाली थी जिसके नतीजे में मंसूर हादी सनआ से अदन और फिर वहां से सऊदी अरब फ़रार कर गए। इसी प्रकार इब्राहीम अलहौसी ने सऊदी अरब की सीमा पर छापामार कार्यवाहियों में सक्रिय रोल अदा किया था। (RZ)