आरामको तेल रिफ़ाइनरी पर यमन के ड्रोन हमलों के संदेश
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यमन के स्वयं सेवी बल अंसारुल्लाह ने संयुक्त अरब इमारात की सीमा के निकट दक्षिण पूर्वी सऊदी अरब में आरामको तेल कंपनी की रिफ़ाइनरी पर व्यापक ड्रोन हमला करके एक बार फिर अमरीका व ज़ायोनी शासन के मीज़ाइल डिफ़ेंस सिस्टमों को फिसड्डी सिद्ध कर दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Aug १७, २०१९ १४:०८ Asia/Kolkata
  • आरामको तेल रिफ़ाइनरी पर यमन के ड्रोन हमलों के संदेश

यमन के स्वयं सेवी बल अंसारुल्लाह ने संयुक्त अरब इमारात की सीमा के निकट दक्षिण पूर्वी सऊदी अरब में आरामको तेल कंपनी की रिफ़ाइनरी पर व्यापक ड्रोन हमला करके एक बार फिर अमरीका व ज़ायोनी शासन के मीज़ाइल डिफ़ेंस सिस्टमों को फिसड्डी सिद्ध कर दिया है।

यमनी सेना के प्रवक्ता ने बताया कि यमनी बलों ने इस देश के ख़िलाफ़ सऊदी अरब का सैन्य अतिक्रमण शुरू होने के समय से अब तक की सबसे बड़ी आक्रामक कार्यवाही की है। इस हमले में आरामको की अश्शैबा रिफ़ाइनरी और आयल फ़ील्ड को निशाना बनाया गया। इस आयल फ़ील्ड में सऊदी अरब का सबसे बड़ा रणनैतिक तेल भंडार है और बताया जाता है कि इसमें एक अरब बैरल से अधिक तेल होने का अनुमान है। शनिवार को सऊदी अरब के काफ़ी अंदर किया गया यमनी बलों का यह ड्रोन हमला और वह भी इस देश पर सऊदी अरब व इमारात के अतिक्रमण को लगभग 53 महीने बीतने के बाद, कई अहम संदेश लिए हुए है। ये संदेश रियाज़ व अबू धाबी के लिए भी हैं और उनके घटकों अर्थात अमरीका व ज़ायोनी शासन के लिए भी हैं।

 

  • यमनी बलों ने इन ड्रोन हमलों से पहला संदेश तो यह दिया है कि यमन पर सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के अतिक्रमण को 53 महीने बीतने के बाद भी न केवल यह कि अंसारुल्लाह संगठन की सैन्य क्षमता कम नहीं हुई है बल्कि वह हर दिन किसी न किसी आक्रामक हथियार का अनावरण करके यह शक्ति प्राप्त कर चुका है कि सऊदी अरब के अंदर तक विध्वंसक हमले कर सके।
  • दूसरा संदेश यह है कि इन हमलों का निरंतर जारी रहना और उनका स्तर दिन प्रति दिन बेहतर होना यह दर्शाता है कि यमनी बलों की सैन्य उपलब्धियां स्वदेशी हैं और वे अपनी इस सैन्य क्षमता को सऊदी अरब के भीतर अनेक लक्ष्यों को लम्बे समय तक निशाना बनाने के लिए प्रयोग कर रहे हैं।
  • तीसरा संदेश यह है कि सऊदी अरब के काफ़ी अंदर तक लक्ष्यों को निशाना बनाना, और वह भी ऐसी स्थिति में जब सऊदी अरब के पास अमरीका व संभावित रूप से ज़ायोनी शासन से ख़रीदे हुए मंहगे डिफ़ेंस सिस्टम हैं और इसी तरह उसे अमरीकी व ज़ायोनी सेटेलाइटों की भी मदद हासिल है, यह दर्शाता है कि यमनी बल जो तकनीक इस्तेमाल कर रहे हैं उसने अमरीकी व ज़ायोनी टेकनाॅलोजी को पछाड़ दिया है और व्यवहारिक रूप से इन टेकनाॅलोजियों की अनुपयोगिता सिद्ध कर दी है।
  • चौथा संदेश यह है कि अमरीका ने हाल ही में मीज़ाइल व ड्रोन क्षेत्र के दक्ष 500 सैनिकों को सऊदी अरब रवाना किया है ताकि वे यमनी बलों के ड्रोन व मीज़ाइल हमलों से सऊदी अरब को सुरक्षित रख सकें। शनिवार को होने वाले ड्रोन हमले ने यह सिद्ध कर दिया है कि अमरीकी सैनिक भी आले सऊदी को बचा नहीं सकते और यह उनकी दोहरी पराजय थी।
  • पांचवां संदेश यह है कि सऊदी अरब के 1000 किलो मीटर अंदर तक ड्रोन हमला और पूर्व निर्धारित लक्ष्य को सटीक ढंग से भेदना, सऊदी नेतृत्व वाले गठजोड़, अमरीका व ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में यमनी बलों सूचना संबंधी विजय का सूचक है।
  • इस हमले का छठा संदेश यह है कि यमनी बल सऊदी गठबंधन की तरह अंधाधुंध हमले नहीं करते और असैनिकों को निशाना नहीं बनाते बल्कि वे सैन्य प्रतिष्ठानों और रणनैतिक लक्ष्यों पर हमले करते हैं।
  • इस हमले का सातवां संदेश यह है कि अगर सऊदी गठबंधन ने यमन पर अपना अतिक्रमण जारी रखा तो यमनी बल, युद्ध को आक्रामक ढंग से सऊदी अरब के भीतर ले जाएंगे और यह वह बात है जो सऊदी युवराज के लिए बहुत ख़तरनाक सिद्ध हो सकती है और देश के भीतर से उनके ख़िलाफ़ आवाज़ें उठ सकती हैं।
  • संयुक्त अरब इमारात की सीमा के निकट होने वाले इन हमलों का आठवां संदेश परोक्ष रूप से अबू धाबी के लिए यह है कि वह यमनी राष्ट्र के ख़िलाफ़ षड्यंत्र रचना छोड़ दे और जितनी जल्दी संभव हो दक्षिणी यमन से बाहर निकल जाएं वरना इमारात और अबू धाबी जैसी उसकी सलतनतें अगला लक्ष्य होंगी।
  • नवां संदेश अमरीका व ज़ायोनी शासन के लिए है कि अगर उन्होंने गड़बड़ की और क्षेत्र में आग भड़काई तो बाबुल मंदब से लेकर मेडिट्रेनियन सी, फ़ार्स की खाड़ी और ओमान सागर तक उनके सभी लक्ष्यों को निशाना बनाया जाएगा। यह संदेश, लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह के इस बयान की व्याख्या भी है कि ईरान के साथ युद्ध, पूरे क्षेत्र को अपनी लपेट में ले लेगा। (HN)