सऊदी ऊर्जा मंत्री को हटाए जाने की अस्ल वजह क्या है?
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ऐसा लगता है कि ख़ालिद अलफ़ालेह जो कभी सऊदी अरब के युवराज के विश्वास पात्र हुआ करते थे, बिन सलमान के सत्ताप्रेम के अनुसार उनके कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में विफल रहे हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Sep ०८, २०१९ १३:२२ Asia/Kolkata
  • सऊदी ऊर्जा मंत्री को हटाए जाने की अस्ल वजह क्या है?

ऐसा लगता है कि ख़ालिद अलफ़ालेह जो कभी सऊदी अरब के युवराज के विश्वास पात्र हुआ करते थे, बिन सलमान के सत्ताप्रेम के अनुसार उनके कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में विफल रहे हैं।

सऊदी अरब के नरेश ने दो बार दर्जा घटाने के बाद अंततः ऊर्जा मंत्री ख़ालिद अलफ़ालेह को उनके पद से हटा दिया और उनके स्थान पर उनके बेटे को मंत्री नियुक्त कर दिया। इस प्रकार कभी मुहम्मद बिन सलमान के भरोसे के आदमी समझे जाने वाले फ़ालेह ने अपने सारे पद गंवा दिए हैं। सबसे पहले लगभग एक हफ़्ते पूर्व उनके मंत्रालय से उद्योग व खदान के विभाग को अलग कर दिया गया और उसके लिए एक नया मंत्रालय बना कर उसका प्रमुख बंदर बिन इब्राहीम अलख़रीफ़ को बनाया गया। अलबत्ता तब तक आरामको कंपनी के मुखिया ख़ालिद अलफ़ालेह ही थे।

 

उनको दूसरा बड़ा झटका पिछले मंगल को लगा जब आरामको के प्रमुख का पद भी उनसे छीन लिया गया और यासिर रमियान को, जो बिन सलमान के अत्यंत निकटवर्ती हैं, इस कंपनी का मुखिया बना दिया गया। इस तरह वर्ष 2015 से आरामको के मुखिया और 2016 से ऊर्जा, उद्योग व खदान मंत्री का पद अपने पास रखने वाले और बिन सलमान की सत्ताप्रेमी नीतियों को आगे बढ़ाने में उनका दाहिना हाथ समझे जाने वाले ख़ालिद अलफ़ालेह, रविवार से सत्ता के दायरे से बाहर हो गए हैं।

 

इस पूरे मामले में एक अहम विषय संसार की सबसे बड़ी तेल कंपनी के रूप में आरामको के शेयरों को बेचने का है। अगर यह योजना पूरी तरह से लागू हो जाती है तो सऊदी अरब के युवराज के सभी सपने पूरे हो सकते हैं लेकिन ऐसा लगता है कि ख़ालिद अलफ़ालेह उस प्रकार आगे नहीं बढ़ रहे थे जैसा बिन सलमान की इच्छा थी। सऊदी अरब के कुछ आंतरिक सूत्रों का कहना है कि वे आरामको कंपनी के शेयर्ज़ बेचे जाने में जल्दबाज़ी के विरोधी थे और उनके हटने के बाद इस कंपनी के शेयरों का एक बड़ा भाग स्टाॅक मार्केट में पेश किए जाने का रास्ता साफ़ हो गया है।

 

सऊदी अरब के एक मशहूर मीडियाकर्मी ने, जो मुजतहिद के फ़र्ज़ी नाम से ट्वीट करते हैं, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री को हटाए जाने के तीन अहम कारण बताए हैं। उनका कहना है कि बिन सलमान चाहते हैं कि आरामको के शेयर, जैसे भी संभव हो, बेचे जाएं। उन्हें इस बात का अनुमान नहीं है कि आरामको, वैश्विक शेयर मार्केट में अपना स्थान नहीं बना पाएगी। इस सिलसिले में जितनी भी विफलताएं हुई हैं उनका ठीकरा ख़ालिद अलफ़ालेह के सिर फोड़ दिया गया है। मुजतहिद का कहना है कि इस संबंध में दूसरा कारण यह है कि बिन सलमान चाहते हैं कि आरामको की आय, उसके निर्यात और उसके शेयर बेचने से लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या कम की जाए और यह काम उनका कोई अत्यंत विश्वसनीय और अत्यंत निकटवर्ती करे ताकि वे अरबों डाॅलर से जो चाहें करें और कोई उनसे सवाल करने वाला न हो। ख़ालिद अलफ़ालेह को हटाने का तीसरा कारण यह है कि यासिर रमियान, जिन्हें आरामको का प्रमुख बनाया गया है, संयुक्त अरब इमारात के युवराज मुहम्मद बिन ज़ायद के भी निकटवर्ती हैं और उन्होंने ही उनकी सिफ़ारिश की है। बिन सलमान के लिए बिन ज़ायद की सिफ़ारिश को टालना संभव नहीं है और इसी लिए अलफ़ालेह को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। (HN)