बग़दाद के तहरीर स्क्वायर से यूएई की जासूसी की टीम गिरफ़्तार!!!
इराक़ के समाचारिक सूत्रों ने बताया है कि बग़दाद के तहरीर स्क्वायर से यूएई की जासूसी की टीम के कई सदस्यों को गिरफ़्तार किया गया है।
इराक़ के एक रेडियो चैनल ने रविवार को सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया है कि इराक़ के गुप्तचर विभाग ने संयुक्त अरब इमारात की एक जासूसी टीम को गिरफ़्तार किया है जिसका काम बग़दाद व अन्य शहरों में प्रदर्शनकारियों को पैसे देना था। इस टीम में लेबनान व इराक़ के कई लोग शामिल हैं। सौतुल इराक़ ने बताया है कि यूएई की यह जासूसी टीम इराक़ में अत्यंत ख़तरनाक गतिविधियां कर रही थी जिनका लक्ष्य इराक़ की सरकार को गिराना था। इस रिपोर्ट के अनुसार यह जासूसी टीम, इमारात के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश मंत्रालय के गुप्तचर विभाग के प्रमुख तहनून बिन ज़ायद के सीधे संपर्क में थी। तहनून बिन ज़ायद यूएई के वर्तमान शासक ख़लीफ़ा बिन ज़ायद के भाई हैं।
इराक़ के रेडियो सौतुल इराक़ ने बताया है कि इस समय यूएई की सरकार कुछ पश्चिमी सरकारों के माध्यम से इस मामले की लीपा-पोती के लिए इराक़ी अधिकारियों से बात कर रही है। इस रिपोर्ट के अनुसार तहरीर स्क्वायर पर प्रदर्शनकारियों के बीच से कई ख़तरनाक लोगों की गिरफ़्तारी के बाद इस टीम के दो लेबनानी नागरिकों की पहचान हुई। यह टीम, बग़दाद में प्रदर्शनों के दौरान कुछ ख़ास गुटों को पैसे बांट रही थी और अन्य क्षेत्रों में भी व्यापक गतिविधियां कर रही थीं।
इस रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त अरब इमारात की यह टीम, इराक़ में होने वाले प्रदर्शनों को अपनी मनचाही दिशा में ले जाने की कोशिश कर रही थी। इराक़ की सरकार ने अभी तक इस जासूसी टीम की पहचान और गिरफ़्तारी के बारे में औपचारिक रूप से कुछ नहीं कहा है लेकिन अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है तो यह, इराक़ में जारी प्रदर्शनों के दौरान लोगों को उकसाने वाली पहली विदेशी टीम की गिरफ़्तारी होगी। इससे पहले इराक़ी सुरक्षा विभाग की कई रिपोर्टों में इस बात पर बल दिया गया था कि इराक़ में जारी प्रदर्शनों के लिए कुछ सोशल मीडियाकर्मी लोगों को उकसा रहे हैं और ये सोशल मीडियाकर्मी मुख्य रूप से संयुक्त अरब इमारात, सऊदी अरब और जाॅर्डन के हैं। इसी तरह कुछ राजनैतिक कार्यकर्ताओं ने बताया था कि सऊदी अरब के एजेंट प्रदर्शनकारियों के बीच डाॅलर बांट रहे हैं। इस आशय की तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स भी सोशल मीडिया में सामने आए थे।
ज्ञात रहे कि अक्तूबर और उसके बाद बग़दाद और कई अन्य प्रांतों में दो चरणों में होने वाले प्रदर्शनों में अब तक ढाई सौ लोग मारे गए हैं जबकि 11 हज़ार से अधिक घायल हुए हैं। (HN)