नजफ़ स्थित आयतुल्लाह शहीद हकीम के मक़बरे में आगज़नी और तोड़फोड़
इराक़ के पवित्र शहर नजफ़ में विरोध प्रदर्शनों के बहाने एक बार फिर उपद्रवियों ने शहीद आयतुल्लाह मोहम्मद बाक़िर हकीम और अब्दुल अज़ीज़ हकीम के मक़बरे में तोड़फोड़ की और उसे आग लगा दी।

इस घटना के बाद शनिवार को इराक़ी शिया धर्मगुरु मुक़तदा सद्र ने पवित्र स्थलों को निशाना बनाए जाने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग आम नागरिकों की जानों को ख़तरे में डाल रहे हैं और सावर्जनिक व पवित्र स्थलों को निशाना बना रहे हैं, हम उनकी निंदा करते हैं।
मुक़तदा सद्र इराक़ के एक प्रभावशाली नेता भी हैं, लेकिन उनकी इस चेतावनी के बावजूद उपद्रवियों ने शहीद हकीम के मक़बरे को घेर रखा है।
इससे पहले इराक़ के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लाह सीस्तानी ने भी कई बार शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर बल देते हुए कहा था कि प्रदर्शनकारियों को उपद्रवियों से दूरी इख़्तियार कर लेनी चाहिए।

लेकिन ऐसा लगता है कि कुछ असामाजिक तत्व विदेशी शक्तियों के इशारे पर पवित्र और सांस्कृतिक स्थलों को भी निशाना बना रहे हैं, ताकि देश को गृह युद्ध की ओर धकेला जा सके।
नक़ाबपोश उपद्रवियों ने बुधवार की रात को नजफ़ स्थित ईरानी कांसुलेट की इमारत को आग के हवाले कर दिया था और उसके अगले ही दिन शहीद हकीम सांस्कृतिक केन्द्र और मक़बरे पर धावा बोल दिया और उसके एक बाग को आग लगा दी।
सूत्रों का कहना है कि उपद्रवियों ने इस सांस्कृतिक केन्द्र को घेर रखा है और वे किसी भी समय पूरी इमारत को आग के हवाले कर सकते हैं।
इस बीच, नासेरिया शहर में इराक़ के विभिन्न क़बीलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके देश में हिंसा फैलाने के लिए अमरीका और इस्राईल को ज़िम्मेदार ठहराया है। msm