इराक़ पर अमेरिका को अपनी इच्छा नहीं थोपने देंगेः हिज़बुल्लाह इराक़
हिज़बुल्लाह इराक़ ने घोषणा की है कि इराक़ के सभी राजनीतिक दलों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किसी ऐसे व्यक्ति या संगठन को अपने हावी न होने दें जो अमेरिका का एजेंट हो।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, हिज़्बुल्लाह इराक़ ने गुरुवार रात एलान किया है कि, इराक़ की राजनीतिक पार्टियां, इस देश के संविधान का उल्लंघन के बाद बरहम सालेह के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करती हैं और उनके ख़िलाफ़ उचित कार्यवाही की भी मांग करती हैं। याद रहे कि इराक़ी राष्ट्रपति बरहम सालेह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री पद के लिए अल-बना मोर्चे द्वारा पेश किया गया असद अलएदानी के नाम का विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि अगर असद अलएदानी को इराक़ के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया तो वह अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे।
उल्लेखनीय है कि असद अलएदानी इराक़ी संसद में मौजूद सांसदों के सबसे बड़े मोर्चे अल-बना, कि जिनके पास बहुमत है, उसकी ओर से इराक़ के प्रधानमंत्री पद के प्रस्तावित उम्मीदवार हैं, लेकिन इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह ने असद अलएदानी के नाम पर अपनी स्वीकृति देने से इंकार कर दिया है। बता दें कि इराक़ी संविधान के मुताबिक़, इस देश के प्रधानमंत्री की पुष्टि और उसे मंत्रिमंडल के गठन की ज़िम्मेदारी सौंपना, इराक़ी राष्ट्रपति के कर्तव्यों में शामिल है।
इस बीच अलमयादीन टीवी ने सूचना दी है कि, इराक़ी राष्ट्रपति बरहम सालेह ने संसद के नाम एक पत्र के माध्यम से गुरुवार को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है ताकि इराक़ी संसद में मौजूद इस देश की जनता के प्रतिनिधि इराक़ की वर्तमान स्थिति पर स्वयं निर्णय ले सकें।
ज्ञात रहे कि इराक़ की वर्तमान आर्थिक स्थिति को लेकर इस देश में पहली अक्टूबर से आरंभ होने वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद 29 नवंबर को इस देश के प्रधानमंत्री आदिल अब्दुल मेहदी को अपने पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। तबसे इराक़ के प्रधानमंत्री का पद ख़ाली पड़ा है। इस पद पर किसी बैठाया जाए इसको लेकर इराक़ की राजनीतिक पार्टियों में मतभेद बना हुआ है। (RZ)