इराक़ में अमरीकियों पर फिर बरसे मिसाइल
इराक़ी सेना का कहना है कि बग़दाद के उत्तर में स्थित एक एयरबेस पर कत्यूषा रॉकेटों से हमला किया गया है।
ग़ौरतलब है कि कैम्प ताजी नामक इस एयरबेस में अमरीकी सैनिक भी तैनात हैं, जिस पर मंगलवार को कत्यूषा रॉकेटों से हमला किया गया।
कैम्प ताजी एयरबेस इराक़ की राजधानी बग़दाद के उत्तर में 85 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां अमरीका और उसके सहयोगी देशों के सैनिक तैनात हैं।

ग़ैरतलब है कि 3 जनवरी को बग़दाद एयरपोर्ट के निकट ईरान के जनरल सुलेमानी और इराक़ी हशदुश्शाबी के डिप्टी कमांडर की अमरीकी हमले में मौत के बाद, इराक़ी स्वयं सेवी बल क़रीब हर रोज़ ही अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
जनरल सुलेमानी और उनके साथियों की मौत का बदला लेने के लिए ईरान ने भी 8 जनवरी को इराक़ में अमरीका के दो सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे।
इराक़ी स्वयं सेवी बलों ने भी कहा है कि वह अपने कमांडरों की मौत का बदला अमरीकियों को देश से बाहर निकालकर लेंगे।
इससे पहले रविवार को अल-बलद एयरबेस पर 4 कत्यूषा रॉकेट फ़ायर किए गए थे, जिसमें 4 इराक़ी सैनिक घायल हुए थे।
अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इस हमले की आलोचना करते हुए कहा थाः इराक़ी एयरबेस पर एक और रॉकेट हमले की ख़बरों से मैं आहत हूं और इराक़ी सरकार से इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने का आह्वान करता हूं।"
उन्होंने अपने ट्वीट में आगे कहा था कि यह गुट लगातार इराक़ी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहे हैं।
पोम्पियो ने इराक़ी गुटों के ज़रिए अपने ही देश की संप्रभुता के उल्लंघन का हास्यास्पद बयान देने से पहले यह नहीं सोचा कि अमरीका ने इसी देश के एक सीनियर सैन्य कमांडर की हत्या के लिए जो हवाई हमला किया था वह क्या था? इसके अलावा, इराक़ी संसद द्वारा विदेशी सैनिकों को बाहर निकाले जाने का बल पास करने और सरकार के अनुरोध के बाद अमरीकी सैनिक इराक़ में क्या कर रहे हैं? और वाशिंगटन इराक़ से बाहर नहीं निकलने पर क्यों अड़ा हुआ है? msm