अमरीकी दबाव में आज़ाद किया गया इस्राईली जासूसः हिज़बुल्लाह
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इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन हिज़बुल्लाह ने कहा है कि अमरीकी दबाव के कारण लेबनान के सैनिक अदालत ने इस्राईली जासूस को आज़ाद किया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar १७, २०२० ०६:०१ Asia/Kolkata
  • अमरीकी दबाव में आज़ाद किया गया इस्राईली जासूसः हिज़बुल्लाह

इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन हिज़बुल्लाह ने कहा है कि अमरीकी दबाव के कारण लेबनान के सैनिक अदालत ने इस्राईली जासूस को आज़ाद किया है।

लेबनान के हिज़बुल्लाह आन्दोलन ने एक बयान जारी करके बताया है कि लेबनान के सैनिक न्यायालय ने अमरीकी दबाव और धमकी के कारण इस्राईल जासूस "आमेर इल्यास अलफ़ाख़ूरी" को जेल से आज़ाद किया है।

अलमयादीन टीवी चैनेल की रिपोर्ट के अनुसार हिज़बुल्लाह के बयान में कहा गया है कि खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि अमरीकी धमकी और दबाव काम आया जिसके परिणाम स्वरूप लेबनान के सैनिक न्यायालय ने एक ग़लत फैसला देकर उस क़साई को आज़ाद कर दिया जिसने न जाने कितने बंदियों को जेल में यातनाएं देकर मार डाला।  हिज़बुल्लाह के बयान के अनुसार सैनिक न्यायालय के न्यायाधीश को अमरीकी दबाव और धमकियों के सामने झुकने के बजाए अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए था।

उल्लेखनीय है कि "आमेर इल्यास अलफ़ाख़ूरी" लेबनान में "अलख़ेयाम क़साई" के नाम से मश्हूर है।  इसका कारण यह है कि उसने दक्षिणी लेबनान में अलख़ेयादम बंदीगृह में कई बंदियों को यातनाएं देकर मार डाला था।  अलफ़ाख़ूरी को बेरूत में सितंबर 2018 को गिरफ़्तार किया गया था जहां पर उसने ज़ायोनी शासन के साथ सहकारिता की बात स्वीकार की थी।

ज्ञात रहे कि "अलख़ेयाम क़साई" के नाम से मश्हूर "आमेर इल्यास अलफ़ाख़ूरी" ने सन 2000 में इस्राईल की यात्रा करके वहां से इस्राईली पासपोर्ट हासिल किया था।  इस्राईली पासपोर्ट लेकर अलफ़ाख़ूरी अमरीका चला गया जहां पर उसने अमरीकी नागरिकता लेली थी।