सऊदी अरब ने बुनियादी वस्तुओं पर बढ़ाया तीन गुना टेक्स
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अपनी अर्थव्यवस्था को हुई क्षति से निबटने के लिए सऊदी अरब ने बुनियादी वस्तुओं पर 15 प्रतिशत टेक्स बढ़ा दिया है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May ११, २०२० १२:०७ Asia/Kolkata
  • सऊदी अरब ने बुनियादी वस्तुओं पर बढ़ाया तीन गुना टेक्स

अपनी अर्थव्यवस्था को हुई क्षति से निबटने के लिए सऊदी अरब ने बुनियादी वस्तुओं पर 15 प्रतिशत टेक्स बढ़ा दिया है।

सऊदी अरब ने सोमवार को घोषणा की है कि वह अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान के कारण बुनियादी वस्तुओं पर टेक्स को तीन गुना करके उन्हें 15 प्रतिशत तक बढ़ा रहा है। इसी के साथ  रेयाज़, प्रमुख परियोजनाओं पर खर्च में लगभग 26 अरब डॉलर की कटौती भी कर रहा है।

सऊदी अरब के वित्तमंत्री ने यह भी कहा है कि वहां के नागरिकों को अब निर्वाह व्यय भत्ता भी नहीं मिलेगा जो 2018 से शुरू हुआ था।  सऊदी अरब के वित्तमंत्री और अर्थव्यवस्था तथा नियोजन कार्यवाहक मंत्री मोहम्मद अल जादान ने कहा कि ''हम एक ऐसे संकट का सामना कर रहे हैं, जिसे आधुनिक इतिहास में दुनिया ने कभी नहीं देखा है, जो अनिश्चितता का प्रतीक है।  सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक़ उन्होंने कहा कि ''आज जो उपाए किये गए हैं, वे जितने कठिन हैं वे व्यापक वित्तीय और आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए उतने ही जरूरी और लाभदायक भी हैं।  सऊदी अरब का राजस्व, वर्ष 2020 की पहली तिमाही में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 22 प्रतिशत कम हुआ है जबकि उसे घाटा, नौ अरब डॉलर तक का हो चुका है। इस दौरान पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले तेल से कमाई 24 प्रतिशत घटी।  

उल्लेखनीय है कि अर्थव्यवस्था के विविधीकरण के प्रयासों के बावजूद सऊदी अरब, राजस्व के लिए तेल पर बहुत अधिक निर्भर है। ब्रेंट क्रूड इस समय करीब 30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर है। कीमत का यह स्तर सऊदी अरब के अपने खर्च को पूरा करने के लिए बहुत कम है। इसके अलावा कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के कारण पवित्र स्थलों मक्का और मदीने की यात्रा भी बंद है जिससे राजशाही को राजस्व का नुक़सान हो रहा है।

जानकारों का कहना है कि सऊदी युवराज बिन सलमान की महत्वाकांक्षाओं के चलते सऊदी अरब, यमन युद्ध के दलदल में बुरी तरह से फंस चुका है और तेल के मूल्य को लेकर रूस के साथ मतभेदों के कारण सऊदी अर्थव्यवस्था को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।