सऊदी क्राउन प्रिंस के सबसे निकट सहयोगी अल-असाकर गिरफ़्तार
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के ख़ास सहयोगी बदर अल-असाकर को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
पिछले कई दिनों से अल-असाकर का सोशल मीडिया अकाउंट ख़ामोश था और उस पर कोई गतिविधि न होने की वजह से सऊदी कार्यकर्ताओं ने उन्हें लेकर कई सवाल खड़े किए थे।
जैसे ही उनके ठिकाने के बारे में क़यास लगाए जाने लगे और अफ़वाहें उड़ने लगीं, तो सोमवार को उनके ट्विटर अकाउंट से मिस्री विद्वान मुस्तफ़ा महमूद का एक वीडियो पोस्ट किया गया।
6 मई के बाद से अल-असाकर के अकाउंट से ट्वीट किया जाने वाला यह पहला ट्वीट है।
मिडिल ईस्ट आई ने सूत्रों के हवाले से उनकी गिरफ़्तारी की पुष्टि की है, लेकिन गिरफ़्तारी के समय और कारणों के बारे में विस्तार से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
असाकर 2017 से सऊदी क्राउन प्रिंस के कार्यालय के प्रमुख और मिस्क एनजीओ के चेयरमैन थे। उन्हें मोहम्मद बिन सलमान के सबसे निकट सहोयगी के रूप में जाना जाता था।
पिछले साल वह उस समय विवादों के घेरे में आ गए थे, जब अमरीका ने उन पर सऊदी शासन के आलोचकों और विरोधियों की व्यक्तिगत जानकारियों को इकट्ठा करने के लिए ट्विटर के कर्मचारियों को भर्ती करने का आरोप लगाया था।
टारगेट किए गए सऊदी आलोचकों में से एक पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी भी थे, जिनकी अक्तूबर 2018 में इस्तांबुल स्थित सऊदी काउंसलेट में बहुत ही क्रूरता से हत्या कर दी गई थी।
अमरीकी सूत्रों का कहना था कि अल-असाकर क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के इशारों और आदेश पर यह सब ग़ैर क़ानूनी काम कर रहे थे।
बिन सलमान के कार्यालय का प्रमुख होने के रूप में असाकर को विशेष अधिकार हासिल थे, इसलिए उनकी गिरफ़्तारी देश और विदेश में कई लोगों के लिए एक बड़ा झटका है। msm