बहरैन में आले ख़लीफ़ा सरकार ने 6000 बंदियों को यातनाएं दीं
बहरैन के सबसे बड़े राजनैतिक दल ने बताया है कि इस देश में आले ख़लीफ़ा सरकार ने लगभग छः हज़ार लोगों को यातनाएं दी हैं।
जमीयते अलवेफ़ाक़ ने यातनाओं की बलि बनने वालों के विश्व दिवस के उपलक्ष्य में एक बयान जारी करके कहा है कि बहरैन की तानाशाही सरकार ने सन 2012 से लेकर अब तक बच्चों, औरतों और अपंगों समेत कम से कम 5,689 लोगों को यातनाएं दी हैं। बयान में कहा गया है कि बहरैन की जेलों में संगठित रूप से और जान बूझ कर सरकार की ओर से बंदियों को यातनाएं दी जाती हैं। अलवेफ़ाक़ ने कहा है कि देश में यातनाएं देने के नए नए तरीक़े ढूंढे जा रह हैं जिनमें बिजली के झटके, गाली गलौच, निर्वस्त्र करना, यौन शोषण व बलात्कार, शारीरिक व मानसिक यातनाएं, इलाज से वंचित रखना, सोने न देना और काल कोठरी में डालना शामिल है।
बहरैन के सबसे बड़े राजनैतिक दल की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि बंदियों के लिए बनाए गए सुधार गृहों में भी उन्हें बहुत अधिक यातनाएं दी जाती हैं। अलवेफ़ाक़ ने कहा है कि बहरैन की सरकार ने यातनाओं के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष रिपोर्टर को सन 2006 से बहरैन में घुसने नहीं दिया है लेकिन गृह मंत्रालय जनमत को धोखा देने और अपनी छवि को बेहतर बना कर पेश करने के लिए जेलों में बैठकें आयोजित करता है। बहरैन में सन 2011 से लोग प्रजातंत्र की स्थापना के लिए आंदोलन चलाए हुए हैं लेकिन वहां की आले ख़लीफ़ा सरकार पाश्विक ढंग से आंदोलन को कुचलने की कोशिश कर रही है। (HN)
ताज़ातरीन ख़बरों, समीक्षाओं और आर्टिकल्ज़ के लिए हमारा फ़ेसबुक पेज लाइक कीजिए!