अरबईन के मौक़े पर हज़ारों शिया मुसलमान कर्बला की ओर रवाना
कोरोना वायरस पर निंयत्रण के लिए किए गए उपायों के दौरान, इमाम हुसैन (अ) की शहादत को 40 दिन पूरे होने के मौक़े पर, अरबईन मनाने के लिए एक बड़ी संख्या में शिया मुसलमान, इराक़ के पवित्र शहर कर्बला की ओर रवाना हो चुके हैं।
इस साल पूरी दुनिया में कोरोना वायरस महामारी के फैलने की वजह से इराक़ी सरकार ने मोहर्रम की 10 तारीख़ यानी आशूरा के मौक़े पर अपनी सीमाएं बंद कर दी थीं और सिर्फ़ इराक़ में रहने वाले लोगों को इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का ग़म मनाने के लिए कर्बला जाने की अनुमति दी थी।
इराक़ में अब तक कोरोना के 3 लाख 75 हज़ार मामले सामने आ चुके हैं और 9,500 लोगों की मौत हो चुकी है।
इराक़ी सरकार ने 8 अक्तूबर, गुरुवार के दिन अरबईन के अवसर पर सीमित रूप से अपनी सीमाएं खोलने का एलान किया है, ताकि दूसरे देशों से भी श्रद्धालु कर्बला पहुंच सकें।
अरबईन के मौक़े पर हर साल लाखों विदेशी श्रद्धालु कर्बला पहुंचते हैं, जिनमें से एक बड़ी संख्या पवित्र शहर नजफ़ से कर्बला तक 80 किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर तय करती है।
बग़दाद सरकार ने इस साल हर देश से केवल 1,500 लोगों को इराक़ की यात्रा की अनुमति दी है, जबकि ईरान से 2,500 ज़ायरीन इराक़ की यात्रा कर सकते हैं।
नजफ़ एयरपोर्ट के डायरेक्टर ईसा अल-शेम्मारी का कहना है कि हर रोज़, 6 से 10 तक उड़ानें नजफ़ पहुंच रही हैं।
इमाम हुसैन (अ) और उनके 72 साथियों को यज़ीद की फ़ौज ने सन् 680 ईसवी में कर्बला के मैदान में शहीद कर दिया था। msm