क्यों नर्म पड़ रहा है अर्दोग़ान का लहजा?
अर्दोग़ान ने कहा है कि किसी भी देश के साथ हमारे ऐसे मतभेद हैं ही नहीं जिनका समाधान न हो सके।
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान के लहजे में बहुत बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। वे अपेक्षाकृत विनम्रता पूर्वक बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि किसी के साथ भी हमारे ऐसे मतभेद नहीं है जिनका समाधान न किया जा सके।
अर्दोग़ान का कहना है कि अमरीका, यूरोप, रूस, चीन या किसी भी अन्य देश के साथ उनके देश के इस प्रकार के मतभेद हैं ही नहीं जिनके समाधान का मार्ग न पाया जाता हो। यह बात तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोग़ान ने शनिवार को अंकारा में कही है। उन्होंने कहा कि परस्पर सम्मान की शर्त पर अंकारा हरएक के साथ वार्ता के लिए तैयार है। तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व में नए आर्थिक एवं राजनीतिक निर्माण में निश्चित रूप से तुर्की, एक योग्य स्थान पाने का इच्छुक है। इसी के साथ अर्दोग़ान ने अमरीका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की सराहना करते हुए कहा कि मैं सोचता हूं कि वे तुर्की के साथ संबन्धों के बारे में अधिक गंभीर होंगे।
याद रहे कि तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान के लहजे में हालिया नर्मी, अमरीका की ओर से लगाए गए उस प्रतिबंध के बाद आई है जिसमें अंकारा ने रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम ख़रीदा था और उससे क्रोधित होकर वाशिंगटन ने अंकारा को प्रतिबंधित कर दिया।शनिवार को अंकारा में नर्म स्वर अपनाने से पहले शुक्रवार को रजब तैयब अर्दोग़ान इस्राईल के साथ अच्छे संबन्धों की कामना कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि हमारा प्रयास यही रहेगा कि इस्राईल के साथ संबन्ध मैत्रीपूर्ण स्तर तक पहुंचें। तुर्की के राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया था कि अंकारा के साथ मैत्रीपूर्ण संबन्ध स्थापित करने में विलंब की पूरी ज़िम्मेदारी तेलअवीव के अधिकारियों पर ही आती है तुर्की पर नहीं।
बहुत से टीकाकार, तुर्की के राष्ट्रपति के लहजे में नर्मी का कारण, अमरीकी राष्ट्रपति भवन वाइट हाउस में होने वाले परिवर्तन को मान रहे हैं।