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ग़ाज़ा में त्रासदी बढ़ती जा रही है, यूनिसेफ़: पर्याप्त सहायता नहीं पहुँच रही है
Oct १९, २०२५ १४:००पार्स टुडे – यूनिसेफ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह बताते हुए कि युद्धविराम समझौते के प्रावधानों के बावजूद पर्याप्त मानवीय सहायता ग़ाज़ा में नहीं पहुँच रही है, इस क्षेत्र में मानवीय आपदा की चेतावनी दी है।
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सब्र का पेड़ फ़ल दे गया, क़ैद से लेकर निकाह की दास्तान तक
Oct १९, २०२५ १३:२५पार्स टुडे – फ़िलिस्तीनी आज़ाद क़ैदी अक़्रम अबू बक्र, जिन्हें तीन उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी, कई वर्षों की कैद के बाद काहिरा में उसी महिला से विवाह के बंधन में बंध गए, जिसे उन्होंने कभी प्रेम के कारण तलाक़ दे दिया था।
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ज़ायोनी शासन ने गज़ा के ख़िलाफ़ युद्ध दोबारा शुरू करने की धमकी दी
Oct १६, २०२५ १५:१३पार्स टुडे - जबकि फिलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन (हमास) ने गज़ा युद्धविराम की सभी शर्तों का पालन किया है और ज़ायोनी कैदियों को वापस किया है, ज़ायोनी शासन के युद्ध मंत्री ने कहा कि यदि हमास समझौते को लागू करने से इनकार करता है, तो अमेरिका के समन्वय में हम युद्ध फिर से शुरू कर देंगे।
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7 अक्टूबर, फ़िलिस्तीन वैश्विक क्रांति का कम्पास बन गया
Oct १६, २०२५ १४:०२पार्स टुडे – लेबनानी लेखक और विचारक ने ज़ोर देकर कहा कि 7 अक्टूबर को प्रतिरोध बलों का अभियान केवल एक सैन्य या क्षेत्रीय प्रतिक्रिया नहीं था, बल्कि यह उत्पीड़ित राष्ट्रों की जागरूकता में एक ऐतिहासिक मोड़ और वैश्विक औपनिवेशिक प्रणाली के खिलाफ संघर्ष में एक निर्णायक क्षण था।
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क़तरी अधिकारी का इज़राइल को कड़ा जवाब / गज़ा में विद्रोही सशस्त्र गुटों को तेल अवीव का सैन्य समर्थन
Oct १६, २०२५ १३:२७पार्स टुडे – क़तर की एक महिला मंत्री ने कहा कि ज़ायोनी शासन ने अपनी मूर्खता और अहंकार से पूरी दुनिया में गज़ा और फिलिस्तीन के समर्थन का बीज बो दिया है और यह बीज अंततः फिलिस्तीन की आज़ादी और स्वतंत्रता का कारण बनेगा।
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यूरोप-मेडिटेरियन मानवाधिकार वॉच: इज़राइल अभी भी नरसंहार के उपकरण के रूप में भूख का उपयोग कर रहा है
Oct १६, २०२५ १२:२४पार्स टुडे - यूरोप-मध्यस्थ मानवाधिकार वॉच ने एक बयान में चेतावनी दी है कि गज़ा से अकाल और भूख का खतरा अभी टला नहीं है, और मानवीय सहायता में जानबूझकर कमी जारी रखना दर्शाता है कि इज़राइली शासन सामूहिक नरसंहार के साधन के रूप में भूख की नीति का अब भी उपयोग कर रहा है।
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क्या शर्म अल-शेख सम्मेलन में नेतन्याहू की अनुपस्थिति किसी छिपी योजना का संकेत है?
Oct १५, २०२५ १२:३२पार्स टुडे – अरब दुनिया के जाने-माने विश्लेषक का मानना है कि शर्म अल-शेख सम्मेलन में इज़राइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की सोची-समझी अनुपस्थिति, जो कई वैश्विक और क्षेत्रीय नेताओं की मौजूदगी में आयोजित हुआ, उनके लक्ष्यों और भविष्य की योजनाओं के बारे में गंभीर सवाल खड़े करती है।
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ग़ाज़ा दो साल से आग और ख़ून में, दुनिया की ख़ामोशी में एक निरुत्तर चीख़
Oct १४, २०२५ १५:२६पार्स टुडे – ज़ायोनी शासन के हमलों ने ग़ाज़ा पट्टी के निवासियों के लिए 15 बड़े संकट पैदा कर दिए हैं।
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फिलीस्तीनी ग्रुप, शरम अल-शेख सम्मेलन को क्यों अप्रभावी मानते हैं?
Oct १४, २०२५ १४:५९पार्स टुडे: हमास आंदोलन ने एक बयान जारी कर 'शरम अल-शेख' सम्मेलन की अनदेखी करते हुए फिलीस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों को साकार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
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अरब लेखक: इस्राइल ने बंदियों के आदान-प्रदान को स्वीकार कर हार मान ली / जनता की इच्छा युद्धक मशीन से अधिक मजबूत है
Oct १४, २०२५ १४:४१पार्स टुडे – एक अरब लेखक और राजनीतिक विश्लेषक ने कहा कि ज़ायोनी शासन ने बंदियों के आदान-प्रदान समझौते को स्वीकार कर गहरी हार का सामना किया और यह समझौता साबित करता है कि बंदियों को केवल जनता की इच्छा से मुक्त किया गया न कि सैन्य शक्ति से।