न्यूज़ीलैण्ड में रेकार्ड बर्फबारी जबकि कनाडा और अमरीका में भीषण गर्मी
जहां एक ओर इस समय विश्व के अधिकांश देश भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं वहीं पर न्यूज़ीलैण्ड में बर्फबारी ने पिछले 55 वर्षों का रेकार्ड तोड़ दिया।
रेकार्डतोड़ बर्फ़बारी के कारण न्यूज़ीलैण्ड की राजधानी में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। बर्फ़ीले तूफान के कारण न्यूज़ीलैण्ड के कई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद कर दिये गए हैं और बहुत सी उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।
न्यूज़ीलैण्ड में वैसे तो जूलाई के अंत या फिर अगस्त के आरंभ में बर्फबारी हुआ करती थी किंतु इस बार जूलाई के आरंभ में भी एसा हो गया जो पिछले 55 वर्षों में पहली बार हुआ है।
न्यूज़ीलैण्ड के कई शहरों में इस समय तापमान, 1 डिग्री सेल्सियस से लेकर मानइनस 4 डिग्री सेल्सियस तक है। मौसम विभाग ने ठंड के बढ़ने के प्रति चेतावनी दी है।
दूसरी ओर पश्चिमी अमरीका, उत्तरी कनाडा और फ़ार्स की खाड़ी के कुछ देशों में लोग भीषण गर्मी से झुलस रहे हैं। कनाडा में तापमान 49.6 डिग्री है। भीषण गर्मी के कारण वहां पर पिछले पांच दिनों में 486 लोगों की मौत हो चुकी है। अमरीका में भी गर्मी के कारण कलतक 80 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी थी।
वैसे भीषण गर्मी तो पश्चिमी एशिया के देशों में भी पड़ रही है। इस समय कुवैत में तापमान 53.2 सेंटीग्रेट है। इसी बीच भारत से भी ख़बरे मिल रही हैं कि वहां पर दिन प्रतिदिन गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। भारत की राजधानी दिल्ली के निकटवर्ती राज्यों में भी भीषण गर्मी पड़ रही है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो पिछले दो दिनों से स्थिर बना हुआ था।