जो बाइडन अफ़ग़ानिस्तान से भाग रहे हैं" वाशिंग्टन इक्ज़ैमिनर
एक अमेरिकी पत्रिका वाशिंग्टन इक्ज़ैमिनर ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों के निष्कासन के बारे में हेडिंग लगाई है कि बाइडन अफगानिस्तान से भाग रहे हैं और बल देकर कहा है कि बाइडन खुद को धोखा दे रहे हैं।
पत्रिका ने लिखा कि बाइडन ने यह सोचा भी नहीं था कि तालेबान इतनी जल्दी अफगानिस्तान पर कब्ज़ा कर लेंगे और यह देश अमेरिका के लिए दूसरा साइगान बन जायेगा और इस देश की सरकार को चुनौती का सामना होगा।
ज्ञात रहे कि बहुत से जानकार हल्कों का कहना व मानना है कि जिस अपमान जनक तरीके से अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान से निकले हैं उसे देखकर वियतनाम जंग में साइगान से अमेरिकी सैनिकों की अपमान जनक वापसी की याद आ जाती है। 30 अप्रैल वर्ष 1975 को वियतनाम की दक्षिणी राजधानी साइगान पर इस देश की सेना ने नियंत्रण कर लिया था और वहां से बड़े ही अपमान जनक तरीके से अमेरिकी सैनिकों को निकलना पड़ा था और अमेरिकी सैनिकों के निष्कासन के बाद आधिकारिक रूप से वियतनाम युद्ध समाप्त हो गया था।
अमेरिका ने 11 सितंबर की घटना के बाद सैन्य हमला करके 2001 में अफगानिस्तान का अतिग्रहण कर लिया था और अब 20 वर्षों के बाद अमेरिकी सैनिक इस हालत में अफगानिस्तान से निकले हैं जब वहां न केवल शांति व सुरक्षा स्थापित नहीं हुई है बल्कि मादक पदार्थों की खेती में भी कई गुना की वृद्धि हो गयी है और वहां की सुरक्षा, अर्थ व्यवस्था और सामाजिक स्थिति 20 वर्ष पहले की तुलना में और बदतर हो गयी है।
बहुत से अफगान लोगों का मानना है कि हज़ारों अफगान नागरिकों की हत्या और अरबों डॉलर की क्षति के अलावा 20 वर्षों तक अफगानिस्तान में अमेरिकी और नैटो की उपस्थिति की कोई अन्य उपलब्धि व परिणाम नहीं रहा है। MM
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