आख़िरकार तुर्की ने भी तालिबान के सामने घुटने टेक दिए
तुर्की के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में तैनात तुर्क सैनिकों को वापस बुलाया जा रहा है।
तालिबान द्वारा 31 अगस्त की डेडलाइन जारी करने के बाद, तुर्क रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद यह फ़ैसला किया गया है।
हालांकि इससे पहले तुर्की काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा और प्रबंधन संभालने पर अड़ा हुआ था। लेकिन तालिबान ने चेतावनी दी थी कि अफ़ग़ानिस्तान की सरज़मीन पर वह किसी भी विदेशी सैनिक की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
बयान में कहा गया है कि नाटो और संयुक्त राष्ट्र के बीच एक द्विपक्षीय समझौते के तहत तुर्क सैनिक 2002 से अफ़ग़ानिस्तान में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किए गए थे और पिछले 6 वर्षों से काबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे थे।
ग़ौरतलब है कि 15 अगस्त को तालिबान ने काबुल पर क़ब्ज़ा कर लिया था, जिसके बाद उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद सभी विदेशी सैनिकों से कहा था कि 31 अगस्त तक देश से निकल जाएं।
तालिबान का कहना है कि 31 अगस्त की डेडलाइन को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
तुर्क रक्षा मंत्रालय का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान से अब तक 1129 तुर्क नागरिकों को बाहर निकाला जा चुका है। msm