तो इसलिए अफ़ग़ानिस्तान से आख़िरकार भागा अमरीका!
अमरीका की एक सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान की जंग में बीस साल के दौरान अमरीका का ख़र्चा डीओडी विभाग के अनुसार दुगना था।
स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल फ़ार अफ़ग़ानिस्तान रीकंस्ट्रक्शन एक सरकारी एजेंसी है जो प्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस को रिपोर्ट करती है, उसने जारी सप्ताह नए आंकड़े जारी किए हैं जिसके अनुसार अमरीका ने बेतहाशा बढ़ते ख़र्चे की वजह से अपनी अफ़ग़ान रणनीति पर पुनरविचार किया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अमरीका की ब्राउन युनिवर्सटी के जंग से संबंधित कार्यक्रम में अमरीका ने 2001 से 2021 तक बीस साल जारी रहने वाली जंग में 22 खरब 60 अरब डालर ख़र्च किए। कार्यक्रम को युनिवर्सिटी के मशहूर वाट्सन इंस्टीट्यूट फ़ार इंटरनैश्नल पब्लिक अफ़ेयर ने स्पांसर किया था।
वाट्सन की रिपोर्ट डीओडी के 933 अरब डालर के संभावित विदेशी आप्रेशन ओसीओ के बजट पर आधारित है और अमरीका की ओर से ओसीओ बजट में 59 अरब डालर पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में ख़र्च किए गए हैं।
डीओडी की ख़र्चे से संबंधित रिपोर्ट के विपरीत वाट्सन रिपोर्ट में जंग का कुल ख़र्च 4 खरब 33 अरब डालर बताया गया है।
30 जून 2021 को जारी होने वाली डीओडी की ताज़ातरीन वार रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान के लिए कुल दान में अमरीका की जंग और लड़ाई के बाद पुनरनिर्माण शामिल है जिसकी कुल लागत 8 खरब 39 अरब और 80 करोड़ डालर है।
अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान पर 2001 में हमला करके तालेबान की सरकार गिरा दी और 2021 में अफ़ग़ानिस्तान को तालेबान के हवाले करके चला गया।
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