दुनिया में 20 करोड़ बच्चों की ज़िंदगी ख़तरे में
एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था का कहना है कि लगभग 20 करोड़ बच्चे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय संस्था सेव द चिल्ड्रेन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लगभग 20 करोड़ बच्चे, अफ़ग़ानिस्तान, नाइजीरिया और कांगो सहित दुनिया युद्धग्रस्त क्षेत्रों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह आंकड़े पिछले एक दश्क के दौरानी अपने उच्च स्तर पर है।
मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय संस्था सेव द चिल्ड्रेन की ओर से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में 13 देशों में युद्धग्रस्त क्षेत्रों में बच्चों की संख्या 1 करोड़ 60 लाख है जबकि 2019 की तुलना में इसमें लगभग 20 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
2020 में तेज़ी से इसमें होने वाली वृद्धि से पता चलता है कि वैश्विक महामारी और युद्ध बंदी के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की अपील काफ़ी नहीं रही।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 3 करोड़ 37 लाख बच्चे सशस्त्र लोगों और सरकारी सैनिकों की पास ज़िंदगी गुज़ार रहे हैं जिनसे सेवाएं ली जा रही हैं।
इस संख्या में पिछले तीन दश्कों की तुलना में तीन गुना वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि अफ़ग़ानिस्तान, सीरिया, यमन, फ़िलिपींस और इराक़ जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में सबसे ज़्यादा बच्चे जीवन व्यतीत कर रहे हैं। (AK)
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