पश्चिम को अफ़ग़ानिस्तान में हार का सामना करना पड़ाः डेविड रिचर्ड
ब्रिटेन के पूर्व कमांडर ने कहा है कि पश्चिम को यह बात अब स्वीकार कर लेनी चाहिए कि अफ़ग़ानिस्तान युद्ध में उसको पराजय हुई है।
2006 में अफ़ग़ानिस्तान में नेटो के कमांडर के रूप मे तैनात डेविड रिचर्ड का कहना है कि पश्चिम को अब यह बात मान लेनी चाहिए कि अफ़ग़ानिस्तान में उसे हार का मुंह देखना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अब हमें वहां के चार करोड़ लोगों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। इस ब्रिटिश कमांडर का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में लाखों लोगों को भुखमरी से बचाने के लिए हमें तालेबान के साथ सहयोग करना चाहिए।
राष्ट्रसंघ के महासचिव ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान पर तालेबान के नियंत्रण के छह महीनों के बाद भी वहां के हालात बहुत ख़राब हैं। उन्होंने कहा कि वहां पर बहुत से लोग कड़ाके की सर्दी में बारीक प्लास्टिक की छत से बने खेमों में रहने पर मजबूर हैं।
वर्तमान समय में वहां लाखों लोग भुखमरी का शिकार हैं जिनके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है। अफ़ग़ानिस्तान को पश्चिमी देशों से मिलने वाली आर्थिक सहायता लगभग बंद हो चुकी है। दूसरी ओर अफ़ग़ानिस्तान की 9 अरब डाॅलर की संपत्ति को रोक लिया गया है जिसने हालात को और अधिक ख़राब किया है।
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