राष्ट्रसंघ का अनुरोध, तनाव बढ़ाने वाली बातें न की जाएंः रिपोर्ट
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यूक्रेन पर हमले से संबन्धित बढ़ते दावों के बीच राष्ट्रसंघ ने सभी पक्षों से मांग की है कि वे तनाव बढ़ाने वाली बातें करने से बचें।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Feb १६, २०२२ ०७:११ Asia/Kolkata

यूक्रेन पर हमले से संबन्धित बढ़ते दावों के बीच राष्ट्रसंघ ने सभी पक्षों से मांग की है कि वे तनाव बढ़ाने वाली बातें करने से बचें।

संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दोजारिक ने कहा है कि तनाव बढ़ाने वाली बातों से बचना चाहिए क्योंकि इससे माहौल ख़राब होता है।  उन्होंने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यूक्रेन में हमारा काम पहले की ही तरह जारी है और वहां पर संयुक्त राष्ट्रसघ के कर्मचारी अपने दायित्व निभा रहे हैं।

राष्ट्रसंघ के महासचिव के प्रवक्ता का कहना है कि यूक्रेन की वर्तमान स्थिति या फिर एसी कोई भी स्थिति जिसमें हालात बिगड़ने, झड़पों या युद्ध का ख़तरा हो उस स्थिति में तनाव बढ़ाने वाली बातों से पूरी तरह से बचना चाहिए।

राष्ट्रसंघ के अधिकारी का यह बयान उस स्थिति मे आया है कि जब यूक्रेन के विषय को लेकर अमरीका और नेटो की ओर से लगातार बयानबाज़ी जारी है।  अपने पश्चिमी घटकों के साथ अमरीका पिछले कई सप्ताहों से यूक्रेन के बारे में बयानबाज़ी कर रहा है।

पिछले कुछ महीनों के दौरान यूक्रेन को लेकर रूस और पश्चिम के बीच तनाव बहुत बढ़ चुका है जो अब अपने चरम पर दिखाई देता है।  अमरीका और उसक पश्चिमी घटकों का दावा है कि रूस, यूक्रेन पर एक हमले की तैयारी कर रहा है।

कुछ पश्चिमी संचार माध्यम तो हमले के दिन और तारीख़ के बारे में भी बातें कर रहे हैं।  तनाव बढ़ाने वाली इन बातों के बीच रूस ने फिर कहा है कि मास्को का यूक्रेन पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है।इस बात को वह पिछले कई महीनों से दोहराता चला आ रहा है।

इसी बीच माहौल को गर्म बनाए रखने के उद्देश्य से अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को वाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अब भी यूक्रेन पर हमले की संभावना पाई जाती है इसलिए संयुक्त राज्य अमरीका, हर स्थिति से निबटने के लिए तैयार है।  यही कारण है कि मैंने यूक्रेन में रहने वाले अमरीकियों से मांग की है कि इससे पहले कि वहां के हालात ख़राब हो जाएं वे यूक्रेन को छोड़कर वापस चले आएं।

अमरीका और उसके पश्चिमी घटकों का यह दावा है कि यूक्रेन की सीमा के निकट रूस का सैन्य जमावड़ा, यूक्रेन पर संभावित हमले के अर्थ में है।  इसी बीच रूसी राष्ट्रपति विलादिमीर पुतीन ने पश्चिमी के इस दावे का खण्डन किया है।  उन्होंने इसे पश्चिम की तनाव फैलाने वाली नीति का हिस्सा बताया जो माहौल को ख़राब कर सकती है।

यूक्रेन संकट के संदर्भ में अमरीका और पश्चिम का व्यवहार कुछ इस प्रकार का रहा है जिससे यूक्रेनवासी बहुत प्रभावित हुए हैं।  उनके भीतर युद्ध को लेकर एक भय बैठ गया है।

इसी बीच रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़ाख़ारोवा ने मंगल वार को कहा है कि अमरीका ने यूक्रेन को लेकर जो शोर-शराबा मचा रखा है उसका मुख्य उद्देश्य, रूस को यूरोप के ऊर्जा बाज़ार से निकालकर स्वयं को वहां पर स्थापित करना है।

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