क्या रूस अमरीका और नाटो के जाल में फंस जाएगा?
रूस के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को सुरक्षा की गारंटी पर आधारित 11 पेज अमरीकी प्रस्ताव का जवाब दिया है और इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया है। इस जवाब को वाशिंगटन को सौंपने के लिए रूसी विदेश मंत्रालय में अमरीकी राजदूत को तलब किया गया था।
रूस ने अपने इस पत्र में अमरीका के सामने अभूतपूर्व मांगें रखी हैं। मास्को ने विभिन्न मामलों में वाशिंगटन से सुरक्षा की गारंटी की मांग की है। जिसमें से एक महत्वपूर्ण मांग यह है कि अमरीका, नाटो का विस्तार नहीं करेगा और पूर्व सोवियत संघ की सीमाओं में नाटो का कोई सैन्य अड्डा नहीं बनाया जाएगा। हालांकि अमरीका ने रूस के सामने ऐसे प्रस्ताव रखे हैं, जिससे वाशिंगटन और उसके सहयोगी देशों को विशिष्ता प्राप्त हो सके। वाशिंगटन ने रूस के अधिकारों और उसकी रेड लाइन को पूरी तरह से नज़र अंदाज़ कर दिया है। इसी के साथ अमरीका और नाटो ने रूस की सीमाओं के निकट अपनी सैन्य गतिविधियों में वृद्धि कर दी है।
गुरूवार को ही अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि रूस आने वाले दिनों में सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस समस्या और गतिरोध का राजनयिक हल अभी भी संभव है।
वहीं दूसरी ओर रूस बार-बार अमरीका पर तनाव को भड़काने और बढ़ाने का आरोप लगा रहा है। रूस का कहना है कि उसकी यूक्रेन पर हमले की कोई योजना नहीं है।
बीते दिनों रूस ने यह भी कहा था कि वह रूस से लगी यूक्रेन की सीमा पर तैनात अपने सैनिकों की संख्या को कम भी कर रहा है। हालांकि अमरीका और नाटो के महासचिव ने दावा किया था कि रूस जो कह रहा है, उसका कोई संकेत अभी तक सामने नहीं आया है।
अमरीकी राष्ट्रपति ने पत्रकारों से कहा कि हमारे पास यह मानने के कई कारण हैं कि वे यूक्रेन पर हमला करने के लिए कारण तैयार कर रहे हैं। यूक्रेन-रूस सीमा से रूसी सैन्य टुकड़ियों की वापसी की ख़बरों के बीच एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी ने दावा किया है कि रूस अभी भी अपनी सैन्य टुकड़ियों को इस क्षेत्र में भेज रहा है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए अमरीकी अधिकारी ने दावा किया कि रूस कभी भी यूक्रेन में घुसने के लिए एक झूठा बहाना बना सकता है।
वहीं रूस का कहना है कि अमरीकी अधिकारी यूक्रेन को अधिक से अधिक हथियार देने और नाटो के विस्तार के लिए इस तरह का झूठ फैला रहे हैं। रूसी उप विदेश मंत्री ने कहा है कि हम यूक्रेन पर आक्रमण करने नहीं जा रहे हैं और हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है। हमारी मांग सिर्फ़ यह है कि वाशिंगटन और नाटो मास्को के सुरक्षा प्रस्तावों को स्वीकार कर लें। हालांकि अमरीका और नाटो ने रूस को न में जवाब दे दिया है, जिससे तनाव अधिक बढ़ने की संभावना है। msm