अमरीका पर भरोसा ही है यूक्रेन की सबसे बड़ी भूलः हिज़बुल्लाह
लेबनान के हिज़बुल्लाह आन्दोलन का मानना है कि अमरीका पर भरोसा करना यूक्रेन को बहुत मंहगा पड़ा।
हिज़बुल्लाह की कार्यकारी परिषद के प्रमुख ने कहा है कि अमरीकी सहायता और समर्थन पर भरोसा करना बहुत बड़ी ग़लती है। उनका कहना है कि यूक्रेन संकट ने इस बात को सबसे लिए स्पष्ट कर दिया।
सैयद हाशिम सफीयुद्धीन ने यूक्रेन संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि अमरीका ने पश्चिम के साथ पहले तो यूक्रेन को उकसाया और उसके बाद उनको हर प्रकार के सहयोग का वचन दिया। हिज़बुल्लाह के नेता ने कहा कि जब उन्होंने देखा कि उनके हित ख़तरे में हैं तो अपने हितों को सुरक्षित रखने के लिए वे पीछे हट गए।
उन्होंने कहा कि अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जब देखा कि यूक्रेन का मामला गंभीर होता जा रहा है तो उन्होंने इस देश के साथ मिलकर युद्ध लड़ने के बारे में अपना फैसला बदल दिया।
हिज़बुल्ला के नेता का कहना था कि इस बात को हमने लेबनान में व्यवहारिक होते हुए देखा है। उन्होंने कहा कि अमरीका ने अपनी इसी चाल से लेबनान में बहुत से लोगों को पहले उकसाया और फिर बाद में उनका साथ छोड़ दिया।
इससे पहले लेबनान के हिज़बुल्लाह आन्दोलन की कार्यकारी परिषद के एक सदस्य ने कहा था कि यूक्रेन संकट ने सिद्ध कर दिया कि अमरीका, अपने घटकों को पहले तो युद्ध के लिए उकसाकर रणक्षेत्र तक ले जाता है और जब वास्तव में युद्ध की बात सामने आती है तो वह पीछे हट जाता है।
अली दामूश ने शुक्रवार को कहा था कि अमरीकियों ने पहले तो यूक्रेन को रूस के विरुद्ध युद्ध के लिए उकसाया। उन्होंने कहा कि जब वास्तव में युद्ध का नंबर आया तो अमरीकी राष्ट्रपति बाइडेन कहने लगे कि हम तो युद्ध करना नहीं चाहते।
हिज़बुल्लाह के नेता का कहना था कि इतिहास गवाह है कि अमरीका, अपने घटकों को उकसाकर रणक्षेत्र तक ले जाता है और जैसे ही युद्ध आरंभ होता है वह पीठ दिखाकर पीछे हट जाता है।
ज्ञात रहे कि यूक्रेन के विरुद्ध रूसी कार्यवाही के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों के क्रियाकलापों की आलोचना करते हुए कहा है कि रूस से युद्ध में पश्चिम ने हमें अकेला छोड़ दिया।
विलेदिमीर ज़ेलेन्सकी ने अपने देश के नागरिकों से रूस के खिलाफ हथियार उठा लेने का आह्वान करते हुए ट्वीटर किया है कि यूक्रेन अपनी सुरक्षा में अकेला रह गया। उन्होने लिखा कि पश्चिम केवल उसके समर्थन की बात करता है जबकि उसका व्यवहार बता रहा है कि उसने कीव को अकेला छोड़ दिया है।
उल्लेखनीय है कि रूसी कार्यवाही के कारण यूक्रेन को भारी तबाही का सामना करनप पड़ा है। वहां के लाखों लोग पलायन करने पर विश्व हुए हैं। इसके अतिरिक्त इस देश को बड़े पैमाने पर माली नुक़सान भी हुआ है।
हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए
हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए