अमरीका पर भरोसा करके मैंने बहुत बुरा कियाः अशरफ़ ग़नी
अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी ने कहा है कि अमरीका पर भरोसा करना मेरी सबसे बड़ी ग़लती थी।
अशरफ़ ग़नी ने एक साक्षात्कार में कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में मेरी सरकार गिरने का मुख्य कारण अमरीका पर मेरा भरोसा था।
उन्होंने कहा कि अमरीका और पश्चिमी सहयोगियों पर भरोसा करने के कारण मुझको सत्ता से हाथ धोना पड़ा।
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति का कहना था कि अमरीका और उसके पश्चिमी घटकों पर भरोसे के कारण मेरी सरकार गिर गई और तालेबान ने अफ़ग़ानिस्तान पर नियंत्रण कर लिया। उनका कहना था कि मुझको अन्तिम समय तक धोखे में रखा गया। मुझको तालेबान से वार्ता करने का अवसर ही नहीं दिया गया जबकि अमरीका के विशेष दूत ख़लीलज़ाद, तालेबान के साथ बैठकें करते थे। मुझको पूरी तरह से अंधेरे में रखकर अलग-थलग कर दिया गया।
अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी कहते हैं कि अन्तिम समय में मुझसे कहा गया कि काबुल में अब मेरी सुरक्षा संभव नहीं है।उनका कहना है कि मेरे अंगरक्षकों ने बताया कि आपकी सुरक्षा अब हम नहीं कर सकते क्योंकि तालेबान ने काबुल में प्रेवश न होने के अपने वचन को तोड़ दिया है।
इसी बीच अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत ज़लमेई ख़लीलज़ाद ने स्वीकार किया है कि अफ़ग़ानिस्तान के बारे में अमरीका से ग़लती हुई है। हालांकि उन्होंने यूक्रेन की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि अफ़ग़ानिस्तान की सरकार तालेबान से मुक़ाबले के लिए हथियार और सैनिकों का प्रयोग कर सकती थी जो उसने नहीं किया।
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