यूक्रेन को यूरोपीय संघ में शामिल करने का विरोध
https://parstoday.ir/hi/news/world-i110188-यूक्रेन_को_यूरोपीय_संघ_में_शामिल_करने_का_विरोध
जर्मनी के एक वरिष्ठ सांसद ने यूक्रेन को यूरोपीय संघ में शामिल करने का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि इससे यूरोपीय संघ के हितों को नुक़सान पहुंचेगा।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Mar ०७, २०२२ १४:५९ Asia/Kolkata
  • यूक्रेन को यूरोपीय संघ में शामिल करने का विरोध

जर्मनी के एक वरिष्ठ सांसद ने यूक्रेन को यूरोपीय संघ में शामिल करने का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि इससे यूरोपीय संघ के हितों को नुक़सान पहुंचेगा।

जर्मन संसद की विदेश नीति के प्रमुख माइकल रॉस का कहना है कि यूरोपीय अधिकारी हमसे सिर्फ़ मानद सदस्यता की आशा रख सकते हैं, क्योंकि बल्कान क्षेत्र में इस संघ के विस्तार का अतीत का अनुभव अच्छा नहीं रहा है। यूरोपीय संघ में सदस्यता ग्रहण करने में जटिल प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए रॉस ने कहाः यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए आवश्यक है कि देश आर्थिक रूप से मज़बूत और स्थिर हो और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए प्रभावी सार्वजनिक प्रबंधन रखता हो। दूसरी ओर यूरोपीय संघ का 50,000 पृष्ठों का क़ानून, यूक्रेन के राष्ट्रीय क़ानून में बदला जाए। यह एक बड़ी बात है, जो रातोंरात नहीं हो सकती।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने अपने देश पर रूस के हमले के बाद, तुरंत रूप से यूक्रेन को यूरोपीय संघ की सदस्यता देने की मांग की थी और कहा था कि इससे साबित हो जाएगा कि यूरोपीय देश आड़े वक़्त में यूक्रेन के साथ खड़े हैं।

यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रपति पेट्रो यूरोशेन्को का भी कहना है कि यूरोपी संघ और नाटो में शामिल होना, यूक्रेन की रणीनित का हिस्सा है।

लेकिन यूरोपीय संघ के एक महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में जर्मनी द्वारा इसके विरोध से साफ़ ज़ाहिए हो गया है कि तुरंत रूप से यूक्रेन की यह इच्छा पूरी नहीं होने जा रही है और भविष्य में भी इस रास्ते में कई प्रकार की रुकावटें पेश आ सकती हैं।

दूसरी ओर, रूस ने इन्हीं मुद्दों को लेकर यूक्रेन पर हमला किया है और वह इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मरने-जीने वाला मुद्दा मानता है। इसलिए जर्मनी और फ़्रांस जैसे यूरोपीय संघ के सबसे महत्वपूर्ण देश रूस की इस संवेदनशालता की कभी अनदेखी नहीं कर सकेंगे।

इस बीच, 2008 के बाद तेल की क़ीमतें सबसे ऊपर चली गई हैं। वैश्विक बाज़ार में ईरान के तेल की संभावित वापसी में देरी के साथ अमरीका और यूरोपीय संघ की ओर से रूसी तेल के आयात पर पाबंदी के विचार के कारण क़ीमतें आसमान छू रही हैं।

फ़िलहाल ईरान परमाणु समझौते को बहाल करने के समय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रूस ने शर्त रख दी है कि यूक्रेन पर हमले को लेकर लगाई गई पाबंदी के कारण ईरान के साथ उसका कारोबार प्रभावित नहीं होना चाहिए। msm

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर  पर हमें फ़ालो कीजिए