हमने कश्मीरियों और फ़िलिस्तीनियों को निराश कियाः इमरान ख़ान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इस्लामी जगत के महत्वपूर्ण मुद्दों विशेष रूप से कश्मीर और फ़िलिस्तीन के मामले में इस्लामी सहयोग संगठन के स्टैंड की आलोचना करते हुए कहा कि इस्लामी देशों के बीच मतभेद दूर होना चाहिए ताकि दुनिया में हम प्रभावी रोल अदा कर सकें।
इमरान ख़ान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ओआईसी की मंत्री बैठक के उदघाटन समारोह में कहा कि हमने फ़िलिस्तीनियों और कश्मीरियों को मायूस किया और मुझे खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि हम कोई प्रभावी काम नहीं कर पाए।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि इस स्थिति के चलते पश्चिमी देशों ने ओआईसी को गंभीरता से नहीं लिया, हम आपस में बटे हुए हैं और पश्चिम इस बात को जानता है। उन्होंने कहा कि हम मुसलमानों की संख्या डेढ़ अरब है मगर फिर भी अत्याचार को रोक पाने में हमारी आवाज़ का कोई महत्व नहीं है।
इमरान ख़ान ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क़ानून कश्मीर और फ़िलिस्तीन की जनता के पक्ष में है और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों में कश्मीरियों के अधिकार का समर्थन किया गया है मगर फिर भी विश्व समुदाय इस अधिकार को सुनिश्चित नहीं कर सका।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारत की ओर से अगस्त 2019 में कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में भी कुछ नहीं हो सका क्योंकि भारत पर कोई दबाव नहीं डाला गया। उन्होंने कहा कि भारत इस इलाक़े की डेमोग्राफ़ी बदल रहा है। इमारान ख़ान ने कहा कि अगर ओआईसी एकजुट न हुआ तो मानवाधिकारों का हनन इसी तरह जारी रहेगा।
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