अमरीका ने ईरान के संबंध में यूरोपीय बैंकों को आश्वस्त किया
अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ईरान के साथ व्यापार व लेन-देन को फिर से आरंभ करने के लिए यूरोपीय बैंकों को आश्वस्त करने की कोशिश कर रहे हैं।
जॉन केरी ने गुरुवार को लंदन में बैंकिंग क्षेत्र के बड़े अधिकारियों से मुलाक़ात में एक बार फिर बल दिया कि यूरोपीय बैंकों को ईरान के साथ क़ानूनी ढंग से व्यापार फिर से शुरुू करने की स्थिति में अमरीका की ओर से किसी प्रकार की सज़ा की चिंता नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उस दंड की ओर से डर कम करने की कोशिश हो रही है जो विगत में ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियों का उल्लंघन करके क़र्ज़ देने वालों के ख़िलाफ़ निर्धारित किया गया था। अमरीकी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान के साथ वैध रूप से लेन-देन के तहत कर्ज़ देने वाले किसी प्रकार के मुजरिम नहीं समझे जाएंगे। केरी ने, जो भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए आयोजित बैठक में भाग लेने लंदन गए हैं, इससे पहले मंगलवार को कहा था कि जो विदेशी कंपनियां ईरान के साथ व्यापार नहीं करना चाहतीं, वे ईरान के ख़िलाफ़ अमरीकी पाबंदियों को बहाना न बनाएं।
जॉन केरी ने कहा कि यूरोपीय बैंक, ईरान के साथ पैसों के लेन-देन, क़ानूनी तौर से सही व्यापारिक समझौतों और ईरान को क़र्ज़ देने के लिए पूरी तरह आज़ाद हैं। जानकार सूत्रों के अनुसार, बार्कलेज़, एचएसबीसी, स्टैंडर्ड चार्टर्ड सहित कई बड़े यूरोपीय बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने अमरीकी विदेश मंत्री से मुलाक़ात में वाशिंग्टन की ओर से तेहरान पर पाबंदियों के संबंध में चिंता जतायी है।
ईरान और गुट पांच धन एक के बीच 14 जुलाई को वियना में जेसीपीओए नामक समझौता हुआ। इस समझौते पर दोनों पक्षों की प्रतिबद्धताओं के बाद 16 जनवरी 2016 को ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियां हटा ली गयीं किन्तु इसके बावजूद बड़े बैंक इस डर से ईरान के साथ आर्थिक संबंध नहीं बना रहे हैं कि कहीं ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका की ओर से बाक़ी पाबंदियों का उल्लंघन न हो जाए। ईरानी अधिकारी बारंबार एलान कर चुके हैं पाबंदियों के हटने के मद्देनज़र, ईरान अन्य देशों के साथ सहयोग व पूंजिनिवेश का स्वागत करता है किन्तु अमरीका की ओर से दंड का डर, पश्चिमी कंपनियों की ओर से लेन-देन में रुकावट बना हुआ है। (MAQ)