शहबाज शरीफ तीन दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब पहुंच गये
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बृहस्पतिवार को अपनी पहली तीन दिवसीय विदेश यात्रा पर सऊदी अरब के लिए रवाना हुए थे।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Apr २८, २०२२ २२:३५ Asia/Kolkata
  • शहबाज शरीफ तीन दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब पहुंच गये

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बृहस्पतिवार को अपनी पहली तीन दिवसीय विदेश यात्रा पर सऊदी अरब के लिए रवाना हुए थे।

इस यात्रा के दौरान वह शीर्ष सऊदी नेतृत्व से विस्तृत मुद्दों पर चर्चा करेंगे और उनका ध्यान खासतौर पर आर्थिक, व्यापारिक और निवेश संबंध बढ़ाने पर केंद्रित होगा।

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के न्योते पर शरीफ सऊदी अरब की यात्रा पर गए हैं और उनके साथ मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ-साथ उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल गया है।

शरीफ ने ट्वीट किया कि आज भाईचारे और दोस्ती के रिश्ते के नवीनीकरण और पुन:पुष्टि के लिए मैं सऊदी अरब जा रहा हूं। मैं सऊदी नेतृत्व से विस्तृत मुद्दों पर चर्चा करूंगा। सऊदी अरब हमारा महान दोस्त है और दो पवित्र स्थलों मक्का और मदीना का सेवक होने के नाते हमारे दिलों में उसके लिए विशेष स्थान है।

शहबाज़ शरीफ के सऊदी अरब रवाना होने से कुछ समय पहले वीडियो संदेश जारी किया गया जिसमें उन्होंने फार्स खाड़ी के देश की पहली यात्रा पर खुशी जताई और इसके लिए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान के सऊदी अरब के साथ विशेष संबंध के महत्व को प्रतिबिंबित करता है जो ऐतिहासिक प्रकृति का और रणनीतिक रूप से अहम है।

उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब में 20 लाख से अधिक पाकिस्तानी काम करते हैं।

जानकार हल्कों का मानना है कि जो लोग सऊदी अरब को खादिमैने हरीमैन शरीफैन यानी मक्का और मदीना का सेवक समझते हैं उन्हें यमन, बहरैन और सीरिया में सऊदी अरब के कृत्यों पर भी ध्यान देना चाहिये तो उन्हें बहुत अच्छी तरह समझ में आ जायेगा कि सऊदी अरब मक्का और मदीना का कितना बड़ा सेवक है।

6 साल से अधिक समय से उसने यमन में जो कुछ किया है और कर रहा है वह सऊदी अधिकारियों के इस्लाम की वास्तविकता को बयान करने के लिए काफी है। सऊदी अरब के पाश्विक हमलों और प्रतिबंधों के कारण दसियों हज़ार निर्दोष यमनी मारे जा चुके हैं। मारे जाने वालों में ध्यान योग्य संख्या अबोध बालकों और निर्दोष महिलाओं की है।

इसी प्रकार जानकार हल्कों का मानना है कि इस्लाम और मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन यानी अमेरिका, ब्रिटेन और इस्राईल से उसकी दोस्ती किसी से छिपी नहीं है और विश्व जनमत बहुत अच्छी तरह जानता है कि वह वास्तव में किसका सेवक है।

नोटः ये व्यक्तिगत विचार हैं। पार्सटूडे का इनसे सहमत होना ज़रूरी नहीं है। MM

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