रूस ने पश्चिम को सीधे टकराव की धमकी
रूस ने पश्चिमी देशों को धमकी दी है कि उसके बुनियादी ढांचे पर साइबर हमलों से सीधे सैन्य टकराव की संभावना बढ़ जाएगी। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसके बुनियादी ढांचों पर साइबर हमले किए गए हैं, जिसके लिए अमरीका और यूक्रेन के हैकर्स ज़िम्मेदार हैं।
रूस ने धमकी देते हुए कहाः मॉस्को आक्रामकता का जवाब ज़रूर देगा और हमारी कार्यवाही रूस और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अंतर्गत ही होगी। मॉस्को का यह भी कहना था कि रूस के सामने साइबर चूनौती पेश की गई तो वह जवाबी कार्यवाही ज़रूर करेगा।
यूक्रेन युद्ध के लम्बा खिंचने से पश्चिम के साथ रूस के सैन्य टकराव का ख़तरा बढ़ता जा रहा है, क्योंकि रूस के ख़िलाफ़ पश्चिमी देशों की दंडात्मक कार्यवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिमी देश यूक्रेन को जहां हथियार और लड़ाके उपलब्ध करा रहें हैं, वहीं रूस के ख़िलाफ़ कड़े आर्थिक प्रतिबंध भी लगा रहे हैं। वास्तव में यूक्रेन युद्ध को पश्चिम प्रॉक्सी वार के तौर पर लड़ रहा है, जिसमें साइबर हमलों को एक महत्वपूर्ण रणनीति के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ख़ुद रूसी अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन में घटने वाले घटनाक्रमों से पता चलता है कि पश्चिमी देश प्रॉक्सी वार शुरू कर चुके हैं, जो किसी भी समय सीधे टकराव में भी बदल सकती है।
रविवार को रूस के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट को हेक करके उस पर यूक्रेन ज़िंदाबाद का नारा डिस्पले कर दिया था। पिछले महीने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा था कि रूस के ख़िलाफ़ विदेशी एजेंसियों द्वारा योजनाबद्ध साइबर हमलों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने देश की सुरक्षा एजेंसियों से कहा था कि साइबर रक्षा को मज़बूत बनाए, ताकि इन हमलों से होने वाले नुक़सान को कम से कम किया जा सके।
अमरीका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन का कहना है कि अमरीका की नई साइबर सुरक्षा रणनीति आक्रामक है और जो भी देश अमरीका को लक्ष्य बनाएगा, उसे अमरीका की आक्रामक जवाबी कार्यवाही के लिए तैयार रहना होगा।
रूस ने भी अब इसी तरह की कार्यवाही की चेतावनी दी है, बल्कि दो क़दम आगे बढ़ते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह की चुनौतियों के भयानक परिणाम निकल सकते हैं और यूक्रेन युद्ध पूरे इलाक़े को अपनी चपेट में ले सकता है।