अमेरिका और सऊदी अरब के संबंधों में आया तनाव
https://parstoday.ir/hi/news/world-i117338-अमेरिका_और_सऊदी_अरब_के_संबंधों_में_आया_तनाव
ओपेक प्लस देशों ने तेल के दो प्रतिशत उत्पादन को कम करने के बारे में हाल में जो फैसला लिया है उससे अमेरिका और सऊदी अरब के सबंध तनावग्रस्त हो गये हैं।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
Oct ०८, २०२२ ०६:४२ Asia/Kolkata
  • अमेरिका और सऊदी अरब के संबंधों में आया तनाव

ओपेक प्लस देशों ने तेल के दो प्रतिशत उत्पादन को कम करने के बारे में हाल में जो फैसला लिया है उससे अमेरिका और सऊदी अरब के सबंध तनावग्रस्त हो गये हैं।

समाचार एजेन्सी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार ओपेक प्लस देशों के हालिया निर्णय के बाद जो बाइडेन की सरकार ने कहा है कि वह सऊदी अरब के बारे में अपने विकल्पों की समीक्षा करेगी। "ओपेक प्लस" गुट के सदस्य देशों ने पांच अक्तूबर को तेल के उत्पादन को दो प्रतिशत कम करने पर सहमत हुए हैं।

इस सहमति के अनुसार प्रतिदिन 20 लाख बैरेल कम तेल बाज़ार में निर्यात किया जायेगा। यह एसी राजनीति है कि पहले परहले में अंतरराष्ट्रीय मंडी में तेल की कीमतों में वृद्धि हो जायेगी और अमेरिका की इच्छा के विपरीत इससे रूस को फायदा पहुंचेगा।

अमेरिकी विदेशमंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पेरू के अपने समकक्ष के साथ संयुक्त बैठक में कहा है कि तेल की अधिक खरीदारी की अमेरिकी डिमांड के बावजूद सऊदी अरब और ओपेक प्लस में उसके भागीदारों ने तेल के उत्पादन को कम करने पर सहमति कर ली और सऊदी अरब को जवाब देने के लिए हम विभिन्न विकल्पों की समीक्षा करेंगे और इस संबंध में हम कांग्रेस के साथ विस्तृत पैमाने पर परामर्श कर रहे हैं।

अमेरिकी विदेशमंत्री ने इस ओर कोई संकेत नहीं किया कि ओपेक प्लस के हालिया फैसले के बाद वाशिंग्टन क्या करेगा परंतु कुछ अमेरिकी राजनेताओं ने प्रस्ताव दिया है कि अमेरिका सऊदी अरब को जो हथियारों की सहायता करता है उसे बंद कर देगा।

यह एसी स्थिति में है जब गत रात्रि एक प्रेस कांफ्रेन्स में बारबार पूछा गया कि क्या अमेरिका सऊदी अरब को दिये जाने वाले हथियारों को बंद कर देगा तो इसके जवाब को अमेरिकी विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता के सहायक टाल गये। बहरहाल ओपेक प्लस की सहमति के तुरंत बाद प्रति बैरेल तेल के मूल्यों में तीन डालर की वृद्धि हो गयी इस प्रकार से कि प्रति बैरेल तेल का मूल्य 93 डालर का हो गया।

ज्ञात रहे कि तेल का निर्यात करने वाले ओपेक के 13 सदस्य देशों के अलावा दुनिया में तेल का निर्यात करने वाले दूसरे 11 और देश हैं जिनमें रूस सर्वोपरि है और ये देश वर्ष 2016 के अंत से एक दूसरे से सहयोग कर रहे हैं और कहा जा रहा है कि सऊदी अरब ओपेक का सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है और ओपेक प्लस के हालिया फैसले में सऊदी अरब ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। MM

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा टेलीग्राम चैनल ज्वाइन कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए 

फेसबुक पर हमारे पेज को लाइक करें