यूक्रेन युद्ध फिलहाल समाप्त होता दिखाई नहीं देता
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यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के संबन्ध में चीन के प्रस्ताव को अमरीका ने निरस्त कर दिया।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Feb २५, २०२३ १५:४१ Asia/Kolkata

यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के संबन्ध में चीन के प्रस्ताव को अमरीका ने निरस्त कर दिया।

यूक्रेन संकट को समाप्त कराने के उद्देश्य से पेश किये जाने वाले चीन के प्रस्ताव को अमरीका ने यह कहते हुए रद्द कर दिया है कि यह केवल रुस के हित में है। 

एबीसी टीवी चैनेल से बात करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह एसा प्रस्ताव है जिससे खुश होकर पुतीन तालियां बजा रहे हैं। बाइडेन ने कहा कि चीने के इस प्रस्ताव में मैं कोई भी एसी चीज़ नहीं देख रहा हूं जो रूस के अतिरिक्त किसी दूसरे पक्ष के हित में हो। यूक्रेन युद्ध की समाप्ति को लेकर चीन की ओर से पेश किये गए प्रस्ताव का अमरीका द्वारा विरोध इस अर्थ में है कि वह फिलहाल इस युद्ध की समाप्ति के पक्ष में नहीं है। 

बाइडेन प्रशासन के अनुसार यूक्रेन युद्ध में रूस की विजय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर माॅस्को के सशक्त होने के अर्थ में है जो पश्चिम में सुरक्षा, सैन्य और राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बिगाड़ देगी।  दूसरी बात यह है कि अमरीकी अधिकारी यह मानते हैं कि रूस पर अधिक दबाव बनाकर उसको कमज़ोर करके जहां पर माॅस्को को नुक़सान पहुंचाया जा सकता है वहीं पर विश्व में बहुध्रुवीय व्यवस्था को अस्तित्व में आने से रोका जा सकता है।  यही कारण है कि पश्चिम ने यह दृढ संकल्प कर लिया है कि यूक्रेन युद्ध में रूस को जीतने से रोका जाए।  माॅस्को का मानना है कि पश्चिम, यूक्रेन युद्ध से रूस को कमज़ोर करके उसके टुकड़े करना चाहता है।  एसे में लगता है कि फिलहाल यूक्रेन संकट समाप्त होता दिखाई नहीं दे रहा है।  इसी साथ पश्चिम विशेषकर अमरीका की ओर से यूक्रेन के लिए व्यापक स्तर पर हथियारों की आपूर्ति बताती है कि वे यूक्रेन युद्ध को रुकवाने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं। 

हालांकि यूक्रेन युद्ध रुकवाने के उद्देश्य से चीन द्वारा पेश किये गए प्रस्ताव का रूस ने समर्थन किया है।  रूस के विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि माॅस्को, बीजिंग की इस बात से सहमत है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद की परिधि से अलग किसी भी प्रकार की सीमितता, ग़ैर क़ानूनी है।  इस प्रस्ताव के बारे में महत्वपूर्ण बात यूक्रेन के विदेशमंत्री का अस्पष्ट दृष्टिकोण है।  उन्होंने चीन प्रस्ताव को रोचक बताते हुए कहा है कि इसमें जो सुझाव दिये गए हैं हम उनसे सहमत हैं किंतु इसके एक प्रस्ताव से हम असहमत हैं।  दिमेत्रो कोलबा ने कहा कि हम रुस से प्रतिबंध हटाए जाने से पूरी तरह से असहमत हैं क्योंकि हमारा यह मानना है कि यह बहुत बड़ा एवं महत्वपूर्ण हथकण्डा है।  इससे लगता है कि रूस पर दबाव डालने के मामले में यूक्रेन भी अमरीकी नीतियों से सहमत है। 

शुक्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन संकट के समाधान के उद्देश्य से 12 सूत्रीय एक योजना पेश की है।  विशेष बात यह है कि यूक्रेन संकट के संदर्भ में यूक्रेन ने हमेशा स्वयं को तटस्थ दिखाने का प्रयास किया है किंतु यह भी कहा है कि रूस के साथ संबन्धों के विस्तार में उसके निकट कोई सीमितता नहीं है।  इसके अतिरिक्त पश्चिम की ओर से यूक्रेन भेजे जाने वाले हथियारों को चीन, आग में घी डालने के रूप में देख रहा है।

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