खून का व्यापार
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दोस्तो आज दुनिया के बहुत से क्षेत्रों व हिस्सों में हिंसा, युद्ध और लड़ाई हो रही है और इन लड़ाइयों में जो हथियार प्रयोग किये जा रहे हैं उनमें से अधिकांश का निर्माण अमेरिका में किया गया है।
(last modified 2023-04-27T04:56:50+00:00 )
Apr २७, २०२३ १०:२२ Asia/Kolkata

दोस्तो आज दुनिया के बहुत से क्षेत्रों व हिस्सों में हिंसा, युद्ध और लड़ाई हो रही है और इन लड़ाइयों में जो हथियार प्रयोग किये जा रहे हैं उनमें से अधिकांश का निर्माण अमेरिका में किया गया है।

शोचनीय बिन्दु यह है कि इन हथियारों का निर्माण उन देशों में होता है जो मानवाधिकार की रक्षा का राग अलापते हैं। सवाल यह पैदा होता है कि जिन देशों के हथियारों से हज़ारों नहीं बल्कि लाखों लोगों का खून बहाया जा चुका और न जाने अभी कितने का बहाया जायेगा तो क्या उन्हें इस बात का पता नहीं है कि उनके यहां जिन हथियारों का निर्माण करके दूसरे देशों में निर्यात किया जा रहा है उसका परिणाम क्या हो रहा है? और ये हथियार वहां के लोगों को उपहार में क्या दे रहे हैं? इसके जवाब में जानकार हल्कों का कहना व मानना है कि जो देश हथियारों का निर्माण करके दूसरे देशों में निर्यात कर रहे हैं वे बहुत अच्छी तरह जानते हैं कि उनके हथियारों से कौन- कौन सी त्रासदियां अस्तित्व में आ रही हैं, कितने लोग मारे जा रहे हैं, कितने घर व समाज तबाह हो रहे हैं। आज यमन, सीरिया, इराक, अफगानिस्तान और जापान जैसे देशों में होने वाली तबाहियों को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।

इन देशों में जो तबाहियां हुई हैं उनमें सबसे अधिक अमेरिका निर्मित हथियारों के प्रयोग से हुई हैं। अगर अमेरिका मानवाधिकार की रक्षा के दावे में सच्चा है तो उसे इन हथियारों का निर्यात नहीं करना चाहिये। आज खुद अमेरिका में गन कल्चर की वजह से आये दिन कितने लोग विशेषकर स्कूली छात्र मारे जाते हैं। क्या अमेरिकी अधिकारी इस बात को नहीं जानते हैं कि अगर अमेरिका में लोगों के पास से हथियार ले लिये जायें तो वहां पर जो आये दिन फायरिंग की घटनायें होती रहती हैं उन पर अगर पूरी तरह नहीं तो काफी हद तक विराम ज़रूर लगाया जा सकता है।

आज अमेरिका सहित पूरी दुनिया में जहां भी विवाद, हिंसा, युद्ध और लड़ाई हो रही है और इन विवादों और लड़ाइयों में जो लोग मारे जा रहे हैं उनमें अमेरिका शामिल है। यूक्रेन में जान माल की भारी तबाही हो चुकी है और न जाने यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा। यूक्रेन की हथियारों से मदद सबसे अधिक अमेरिका कर रहा है। दूसरे शब्दों में यूक्रेन युद्ध से सबसे अधिक लाभ अमेरिका उठा रहा है। उसकी कई वजहें हैं। एक वजह यह है कि यूक्रेन अमेरिकी हथियारों की खपत की बेहतरीन मंडी में परिवर्तित हो गया है और हथियारों का निर्माण करने वाली अमेरिकी कंपनियां खूब मुनाफा कमा रही हैं।

अमेरिका जो यूक्रेन युद्ध को लंबा खींचना व जारी रखना चाहता है तो उसकी एक वजह यही है। अमेरिका यूक्रेन युद्ध को जो लंबा खिंचना चाहता है उसकी दूसरी वजह यह है कि वह इस युद्ध के माध्यम से अपने सबसे बड़े प्रतिस्पर्धी रूस को कमज़ोर करके उसकी कमर तोड़ देना चाहता है ताकि दुनिया में उसके वर्चस्ववाद का विस्तार और सरल हो जाये। बहरहाल आज दुनिया में मानवाधिकार की रक्षा का दम भरने वाले देशों विशेषकर अमेरिका की नज़र में इंसानों के जान की कोई कीमत नहीं है और अगर कीमत होती तो अमेरिका और पश्चिमी देशों में हथियारों का निर्माण करने वाली कंपनियां इतना न फलती- फूलतीं। कुल मिलाकर अगर अमेरिका को खून का सबसे बड़ा व्यापारी व सौदागर कहा जाये तो कोई ग़लत न होगा। MM