थाईलैंड आम चुनाव परिणाम, सैन्य शासन के लिए बड़ी चुनौती
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थाईलैंड में लगभग एक दशक के सैन्य और सैन्य-समर्थित शासन की आश्चर्यजनक अस्वीकृति के बाद आम चुनाव में सुधारवादी विपक्ष ने अधिक सीटें हासिल कर ली हैं।
(last modified 2023-05-15T03:25:18+00:00 )
May १५, २०२३ ०८:४९ Asia/Kolkata
  • थाईलैंड आम चुनाव परिणाम, सैन्य शासन के लिए बड़ी चुनौती

थाईलैंड में लगभग एक दशक के सैन्य और सैन्य-समर्थित शासन की आश्चर्यजनक अस्वीकृति के बाद आम चुनाव में सुधारवादी विपक्ष ने अधिक सीटें हासिल कर ली हैं।

क़रीब तमाम वोटों की गिनती हो चुकी है, जिसमें मूव फ़ॉरवर्ड या एमएफ़पी और फ़ेऊ थाई ने कुल 500 सीटों में से 286 सीटें जीत ली हैं।

नतीजों से साफ़ ज़ाहिर है कि लोगों ने सेना के समर्थन वाली सरकार के ख़िलाफ़ वोट दिया है।

लेकिन इस बारे में अनिश्चितता बनी हुई है कि वे जटिल नियमों के कारण अगली सरकार बनाने में सक्षम पायेंगे, जो सैन्य-नियुक्त सीनेट के 250 सदस्यों को प्रधान मंत्री को चुनने के लिए वोट देने का अधिकार देता है।

इसका मतलब है कि एमएफ़पी और फ़ेऊ थाई को नई सरकार के गठन के लिए छोटे दलों के समर्थन की ज़रूरत होगी।

हालांकि नतीजों के शुरुआती रुझानों के बाद विपक्षी दल गठबंधन के लिए बातचीत के लिए तैयार होते दिख रहे हैं।

थाईलैंड में 2014 में ख़ुद प्रधान मंत्री ने सैन्य तख़्तापलट का नेतृत्व किया था, लेकिन अब उन्हें मूव फ़ॉरवर्ड और फ़ेऊ थाई जैसे दलों से कड़ी चुनौती मिल रही है।

दोनों पार्टियां सैन्य शासन का विरोध करती रही हैं। मूव फ़ॉरवर्ड पार्टी का नेतृत्व टेक्नोलॉजी सेक्टर के बड़े अधिकारी रह चुके पिता लिम जारोनार्त कर रहे हैं।

जबकि फ़ेऊ थाई पार्टी का नेतृत्व पेतोंगतार्न चिनावाट कर रही हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन चिनावाट की बेटी हैं। msm