फिर उठी राष्ट्रसंघ के ढांचे में सुधार की मांग
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अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं में ढांचागत सुधार की मांग अब पहले से अधिक होती जा रही है।
(last modified 2023-09-05T00:08:31+00:00 )
Sep ०५, २०२३ ०५:३८ Asia/Kolkata
  • फिर उठी राष्ट्रसंघ के ढांचे में सुधार की मांग

अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं में ढांचागत सुधार की मांग अब पहले से अधिक होती जा रही है।

जर्मनी का कहना है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ सहित समस्त अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानों की संरचना में सुधार किया जाना चाहिए।  अनातोली समाचार एजेन्सी के अनुसार जर्मनी की विदेशमंत्री ने अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर बड़ी भूमिका निभाने के लिए अपने देश की तत्परता की घोषणा की।

अनालना बाएरबूक ने सोमवार को अपने भाषण में कहा कि विश्व में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए हैं।  एसे में अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं को स्वयं को नई वास्तविकताओं के अनुरूप ढालना होगा।

जर्मनी की विदेशमंत्री के अनुसार संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद के ढांचे में अन्तिम बार सुधार सन 1960 में हुआ था।  उन्होंने बताया कि उस समय से लेकर अबतक विश्व के बहुत से देशों विशेषकर अफ्रीकी और लैटिन अमरीकी देशों ने स्वावलंबन हासिल किया है।  अब यह नए देश, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अधिक भागीदारी के इच्छुक हैं।  एसे में विश्व की सारी ही अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं के ढांचों में परिवर्तन करना अपरिहार्य हो गया है जिसमें संयुक्त राष्ट्रसंघ भी शामिल है। 

याद रहे कि 90 के दशक से राष्ट्रसंघ में ढांचागत सुधार की मांग उठना आरंभ हुई थी जो अब तेज़ होती जा रही है। 1992 में जर्मनी और जापान ने संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता की मांग शूरू की थी जिसके बाद भारत और ब्राज़ील की ओर से भी यह मांग की गई।