यूरोप में पलायनकर्ताओं के विरोध तथा इस्लामोफ़ोबिया में वृद्धि
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यूरोपीय आयोग ने कहा है कि यूरोप में पलायनकर्ता विरोधी भावना तथा इस्लामोफ़ोबिया में तेज़ी से वृद्धि हो रही है।
(last modified 2023-04-09T02:55:50+00:00 )
May २९, २०१६ १३:४१ Asia/Kolkata
  • यूरोप में पलायनकर्ताओं के विरोध तथा इस्लामोफ़ोबिया में वृद्धि

यूरोपीय आयोग ने कहा है कि यूरोप में पलायनकर्ता विरोधी भावना तथा इस्लामोफ़ोबिया में तेज़ी से वृद्धि हो रही है।

मिडिल ईस्ट मानिटर की रिपोर्ट के अनुसार, जातीवाद और द्वेष से संघर्ष करने वाले यूरोपीय आयोग (इसीआरआई) ने शनिवार को अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि पेरिस में हुए आतंकी हमलों के बाद, पूरे यूरोप में पलायनकर्ता विरोधी भावना तथा इस्लामोफ़ोबिया में वृद्धि हो रही है।

यूरोप के इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पलायनकर्ताओं के विरुद्ध शत्रुता केवल दक्षिणपंथी पार्टियों के समर्थकों तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे यूरोपीय समाज में फैल गयी है।

इस रिपोर्ट में आया है कि कुछ दक्षिणपंथी पार्टियां, इन हमलों से लाभ उठाकर मुसलमानों और इस्लाम के विरुद्ध कार्यवाहियां कर रही हैं।

इसीआरआई के प्रमुख क्रिस्टियन अहलवेंड का भी कहना है कि यूरोपीय देशों को पलायनकर्ताओं के संबंध में जातीवादी हिंसाओं से मुक़ाबले और एकजुट नीति अपनाने की आवश्यकता है।

ज्ञात रहे कि 13 नवंबर वर्ष 2015 को पेरिस में हुए आतंकी हमलों में 130 लोग मारे गये जबकि 350 लोग घायल हुए थे। दाइश ने इस हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार की थी। (AK)