ईरान से हम जंग नहीं चाहतेः अमेरिका
वाशिंग्टन की अगुवाई में यमन पर हमले के बाद अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान से जंग नहीं चाहता।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के समन्यकर्ता जान कर्बी ने यमन में अंसारुल्लाह के ठिकानों पर हमलों के बाद कहा है कि यमन के हूसी संगठन के ठिकानों पर हमला करने के बावजूद अमेरिका ईरान से जंग नहीं करना चाहता, हम तनाव को अधिक नहीं करना चाहते और जो कुछ हालिया कुछ दिनों के दौरान हुआ है उसकी वजह से लड़ाई व तनाव में वृद्धि का कोई कारण नहीं है।
बाइडेन सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि अंसारुल्लाह को चाहिये कि हमलों को बंद कर दे और हम जहाज़ों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने के लिए अधिक हमलों में संकोच से काम नहीं लेंगे। इसी प्रकार जान कर्बी ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कर्शियल की सुरक्षा को सुनिश्चि बनाने में गम्भीर हैं और उम्मीद है कि हूसी संदेश को समझ गये होंगे।
साथ ही उन्होंने दावा किया कि तनाव को बढ़ाने के ज़िम्मेदार हूसी और उनके समर्थक हैं। जान कर्बी ने कल अमेरिका की अगुवाई में 10 देशों के गठबंधन की ओर से यमन में अंसारुल्लाह के ठिकानों पर हमले के संबंध में कहा कि प्राप्त आरंभिक जानकारियां इस बात की सूचक हैं कि हमारे हमलों का बड़ा अच्छा परिणाम रहा है किन्तु हूसियों ने सकारात्मक जवाब नहीं दिया और कल का हमला उनके लिए संदेश था, हम क्षेत्र और क्षेत्र से बाहर अपने घटकों से परामर्श कर रहे हैं और इस काम को आगे भी जारी रखेंगे।
इसी प्रकार जान कर्बी ने कहा कि हमारे हमलों का लक्ष्य हूसियों की मिसाइल क्षमता को कम करना था और उन्होंने उन जहाज़ों पर हमला किया जिनका गज्जा युद्ध से कोई संबंध नहीं था।
जानकार हल्कों का मानना है कि अंसारुल्लाह ने केवल इस्राईली या उन जहाज़ों को लक्ष्य बनाया है जो अवैध अधिकृत फिलिस्तीन की जा रहे थे और अंसारुल्लाह ने इस बात की बारमबार घोषणा की है जबकि अमेरिका और ब्रिटेन ने इस्राईल और अवैध अधिकृत फिलिस्तीन की ओर जाने वाले जहाजों की रक्षा में यमन पर हमला किया है। MM
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