क्या यूरोप ने ईरान के खिलाफ़ अपना अंतिम कार्ड खेल लिया?
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क्या यूरोप ने ईरान के खिलाफ़ अपना अंतिम कार्ड खेल लिया?
पार्सटुडे – अमेरिकी पत्रिका फ़ा᳴रेन पॉलिसी ने फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन द्वारा ईरान के खिलाफ़ मैकेनिज्म ऑफ़ ट्रिगर के सक्रियकरण पर लिखा।
अमेरिकी पत्रिका ने हाल ही में यह व्यक्त करते हुए संदेह जताया कि इस मैकेनिज्म की सफलता संदिग्ध है: सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों की वापसी अधिकतर प्रतीकात्मक होगी और अमेरिका के प्रतिबंधों की तरह ईरान की अर्थव्यवस्था को लक्षित नहीं कर पाएगी। हालांकि रूस और चीन इन प्रतिबंधों की वापसी को रोक नहीं सकते, लेकिन वे उनके कार्यान्वयन को बाधित कर सकते हैं।
पार्सटुडे की रिपोर्ट के अनुसार यह स्थिति इसलिए उत्पन्न हुई क्योंकि ईरान ने यूरोप की पिछले सप्ताह की शर्तों को स्वीकार नहीं किया।
इन शर्तों के अनुसार ईरान को प्रतिबंधों की छह महीने के निलंबन के बदले एजेंसी के निरीक्षकों को असीमित पहुँच देनी थी, अपने 400 किलोग्राम समृद्ध यूरैनीयम का भंडारण स्थल बताना था और अमेरिका के साथ वार्ता फिर से शुरू करनी थी।
लेकिन इज़राइल और अमेरिका के ईरान पर हमलों ने इस देश की वार्ता करने या निरीक्षकों को पहुँच देने की इच्छा को कम कर दिया है।
फिर भी तीन यूरोपीय देश आशा करते हैं कि अपने अंतिम दबाव के कार्ड का उपयोग करके और मैकेनिज्म ऑफ़ ट्रिगर को सक्रिय करके वे ईरान की स्थिति बदल सकते हैं, हालांकि यह संभव नहीं लगता।
बताया जाता है कि जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों की वापसी की प्रक्रिया जिसे स्नैप-बैक कहा जाता है, सक्रिय कर दी। ये तीन यूरोपीय देश, जिन्हें E3 के नाम से जाना जाता है, सभी 2015 के ईरान परमाणु समझौते के पक्ष थे, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के बदले प्रतिबंधों को हटाना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2018 में इससे बाहर निकल गए। MM