पॉलिटिको: अमेरिका राजनीतिक हिंसा की एक नई लहर के कगार पर
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पॉलिटिको: अमेरिका राजनीतिक हिंसा की एक नई लहर के कगार पर
पार्स टुडे - अमेरिका राजनीतिक विभाजन के एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है, और देश के अधिकांश लोग आने वाले वर्षों में राजनीतिक हत्याओं की संभावना को गंभीर मानते हैं।
अमेरिका ऐसे दौर से गुजर रहा है जहाँ राजनीतिक हिंसा में वृद्धि का डर देश की एक बड़ी आबादी की साझी चिंता बन गया है। पार्स टुडे द्वारा फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से प्रकाशित एक नए सर्वेक्षण से पता चलता है कि अधिकांश अमेरिकी (55 प्रतिशत) उम्मीद करते हैं कि आने वाले वर्षों में राजनीतिक हिंसा का स्तर बढ़ेगा। यह आंकड़ा हाल की हिंसक घटनाओं के झटके को दर्शाता है, जिसमें इस साल की शुरुआत में रूढ़िवादी कार्यकर्ता 'चार्ली किर्क' की हत्या और 2024 में राष्ट्रपति 'डोनाल्ड ट्रम्प' की हत्या के दो असफल प्रयास शामिल हैं।
यह चिंता सिर्फ एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। दोनों दलों के मतदाताओं में, चाहे रिपब्लिकन हों या डेमोक्रैट, बहुमत का मानना है कि देश एक खतरनाक रास्ते पर है।
लेकिन सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि 24 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि कुछ परिस्थितियों में राजनीतिक हिंसा का उपयोग उचित ठहराया जा सकता है। यह दृष्टिकोण राजनीतिक दलों के बीच तो लगभग समान है, लेकिन इसमें उम्र के आधार पर एक बड़ा अंतर देखने को मिला: 45 वर्ष से कम उम्र के एक-तिहाई से अधिक अमेरिकियों का मानना है कि कुछ स्थितियों में हिंसा स्वीकार्य है, जबकि बुजुर्गों में यह संख्या काफी कम है।
हिंसक हमलों की सिलसिला
हाल के वर्षों में, अमेरिका में राजनीतिक खतरों और हमलों की सूची पहले से कहीं अधिक लंबी हो गई है। इसमें शामिल हैं:
पूर्व हाउस स्पीकर पॉल पेलोसी की पत्नी पर हमला, जिसमें उनकी खोपड़ी फ्रैक्चर हो गई।
सुप्रीम कोर्ट के जज ब्रेट कवानो की हत्या की साजिश।
2020 में मिशिगन की गवर्नर ग्रेचेन व्हिटमर का अपहरण करने का प्रयास।
इस साल जून में, मिनेसोटा की पूर्व हाउस स्पीकर मेलिसा हॉर्टमैन और उनके पति पर उनके घर में एक ऐसे व्यक्ति ने हमला किया जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताया। संघीय अभियोजन पक्ष ने इस हमले को राजनीतिक बताया है और मामला अभी भी खुला है।
संघीय स्तर पर, यूएस कैपिटल पुलिस ने बताया कि पिछले साल सांसदों, उनके परिवारों और कर्मचारियों के खिलाफ लगभग 10,000 धमकियाँ और परेशान करने वाले संदेश दर्ज किए गए थे।
महज दो हफ्ते पहले, हाउस डेमोक्रेटिक अल्पसंख्यक नेता हकीम जेफरीज़ की हत्या की धमकी देने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।
चेतावनी से हकीकत तक: "हम हिंसक पॉपुलिज़्म के युग में जी रहे हैं"
शिकागो विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर 'रॉबर्ट पेप', जो तीन दशकों से राजनीतिक हिंसा पर शोध कर रहे हैं, कहते हैं: अब हम हिंसा के युग की कगार पर नहीं हैं, बल्कि पूरी तरह से उसमें डूब चुके हैं। अमेरिका हिंसक पॉपुलिज़्म के युग में प्रवेश कर चुका है। पेप चेतावनी देते हैं कि राजनीतिक हिंसा के लिए समर्थन मुख्यधारा में शामिल हो रहा है: जैसे-जैसे यह समर्थन फैलता है, हिंसा के लिए प्रवृत्त लोगों के लिए हमला करना आसान और अधिक स्वीकार्य लगने लगता है। (AK)
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